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कर्नाटक सरकार के मंत्री डीके शिवकुमार की मुश्किलें बढ़ीं, आयकर मामले में चौथा समन

बेंगलुरु: कर्नाटक में कांग्रेस के कद्दावर नेता और राज्य सरकार में जल संसाधन मंत्री डी के शिवकुमार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. एक अदालत ने कथित कर चोरी के सिलसिले में शिवकुमार को चौथा समन जारी किया है. आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि मंगलवार को आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत की ओर से शिवकुमार के खिलाफ चौथा समन जारी किया गया है.

नाम का खुलासा नहीं करने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, ‘अदालत ने समन जारी किया है. एक और शिकायत दाखिल की गई है. पिछली बार तीन थे. मामला वही है.’ उन्होंने बताया, ‘ एक ही चीज है कि इसमें अलग – अलग साल का मामला है. मामला कर चोरी से जुड़ा है.’

आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि शिवकुमार के साथ उनके सहयोगियों – सचिन नारायण , सुनील कुमार शर्मा , आंजनेय , हनुमंतैया और राजेंद्र – के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. ये समन पिछली बार की गई छापेमारी से जुड़े हैं. सुनील कुमार और आंजनेय के आवास पर जब छापेमारी की गई थी तो कथित तौर पर कुछ दस्तावेज और नगद बरामद किए गए थे. इस सिलसिले में आयकर विभाग ने नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा था. बहरहाल , आयकर सूत्रों ने बताया कि उनका स्पष्टीकरण असंतोषजनक था.

शिवकुमार ने को बताया कि उन्हें अब तक समन नहीं मिले हैं. उन्होंने कहा , ‘मैंने तो बस अखबारों में पढ़ा है. आ सकता है.’ छापेमारी और समन के कारणों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा , ‘ क्या कहा जा सकता है ? पहले ही तीन केस दर्ज किए जा चुके हैं. (विधानसभा) चुनाव के बाद एक और कर दिया गया.’

शिवकुमार ने कहा कि आयकर विभाग के अधिकारी उन्हें ‘सांस नहीं लेने दे रहे.’ यह पूछे जाने पर कि क्या यह बदले की राजनीति है , इस पर उन्होंने कहा कि यह मीडिया पर निर्भर है कि वह इसे किस तरह पेश करता है. उन्होंने कहा , ‘आपको जो ठीक लगे वो लिखिए. वे मुझे सांस लेने नहीं दे रहे. मैं समझ नहीं पा रहा कि सिर्फ मैं ही क्यों?’

बाद में मीडिया से बातचीत में शिवकुमार ने उन्हें ‘ठिकाने’ लगाने की कोशिश करने वालों को चेताते हुए कहा कि उनके पास भी अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ ‘सबूत और दस्तावेज’ हैं. उन्होंने कहा , ‘इस मुगालते में न रहें कि मेरे पास दस्तावेज नहीं हैं. मेरा पास भी वैसी ही डायरियां हैं. मैं आखिर तक इंतजार करूंगा और आखिरकार उचित समय पर उन्हें जारी करूंगा.’

छापेमारी के मद्देनजर बीजेपीकी ओर से इस्तीफा मांगने पर शिवकुमार ने उनके ‘नैतिक अधिकार’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके कई नेता बहुत सारे मामलों में कथित तौर पर शामिल हैं.

पिछले साल राज्यसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक के एक रिजॉर्ट में गुजरात के कांग्रेस विधायकों को सुरक्षित रखने में शिवकुमार ने अहम भूमिका निभाई थी. उस वक्त बीजेपीपर आरोप लग रहे थे कि वह कांग्रेस विधायकों की खरीद – फरोख्त करना चाहती है. हाल में संपन्न हुए कर्नाटक विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस विधायकों को बीजेपीकी खरीद – फरोख्त की कथित कोशिशों से दूर रखने के अभियान में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.