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जापान: 3 मिनट पहले लंच के लिए उठा कर्मचारी, तो टॉप बॉस ने LIVE टीवी पर पूरे देश से मांगी माफी

टोक्यो : सारी दुनिया इस बात से वाकिफ है जापान जैसी वक्त की पाबंदी कोई देश ना तो ला पाया है और भविष्य में भी नहीं ला पाएगा. जापान में एक मिनट ही नहीं बल्कि कुछ सेकेंडों का भी हिसाब रथा जाता है. जापान में वक्त से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसके कारण पूरे सरकारी विभाग को टीवी के जरिए सारे देश से मांफी मांगनी पड़ी है.

दरअसल, जापान के जल विभाग में काम करने वाले एक अधिकारी बुधवार (20 जून) को लंच से सिर्फ 3 मिनट पहले डेस्क छोड़कर चले गए. अधिकारी के इस कदम के बाद विभाग के 4 वरिष्ठ अधिकारियों को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर सारी जनता से माफी मांगनी पड़ी.

7 महीनों में 26 बार वक्त से पहले छोड़ा डेस्क
दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के मुताबिक, 64 साल के इस अधिकारी पर काफी वक्त से निगरानी रखी जा रही थी. विभाग ने नोटिस किया की पिछले 7 महीनों में अधिकारि 26 बार लंच से पहले अपने डेस्क को छोड़कर चले जाते थे. विभाग ने अधिकारी को इस बात के लिए समझाया और दोबारा ऐसा ना करने की चेतावनी दी.

अधिकारियों ने झुककर मांगी माफी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विभाग के अधिकारियों ने कहा, हमारे विभाग का लंच 1 बजे होता है, लेकिन दोषी अधिकारी ने लंच से तीन मिनट पहले यानि की 12.57 पर अपना डेस्क छोड़ दिया. विभाग ने कहा कि अधिकारी को लोक सेवा कानून के उल्लंघन करने के लिए दोषी पाया गया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विभाग के अधिकारियों ने पूरे देश के सामने झुककर माफी मांगी है. बता दें कि जापान में लोक सेवा कानून में कहा गया है कि काम के घंटे कर्मचारी का ध्यान केवल काम पर होना चाहिए, अगर वह इस दौरान किसी अन्य चीज पर ध्यान देता है तो वह कंपनी और विभाग के प्रति दोषी है.

पाबंदी के लिए जाना जाता है जापान
जापान में हमेशा सरकारी और प्राइवेट विभाग के कर्मचारियों को वक्त की पाबंदी के लिए जाना जाता है. जापान के लोग अपने काम को खत्म करने के लिए ओवरटाइम तक करते हैं, इसके लिए उन्हें किसी भी तरह का अतिरिक्त वेतन नहीं दिया जाता. एक वैश्विक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ था कि काम ज्यादा होने और समय से पूरा करने के कारण जापान के ज्यादातर कर्मचारी अवसाद का शिकार हैं. रिपोर्ट आने के बाद जापान सरकार ने एक कानून पास किया था, जिसके तहत कोई भी कर्मचारी एक महीने में 100 घंटे से ज्यादा ओवरटाइम नहीं कर सकता. 2016 में जापान की संसद में एक रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि काम के बोझ और ओवरटाइम के कारण जापान के हर पांच में से एक कर्मचारी पर मौत का खतरा मंडरा रहा है.