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IPL में विदेशी खिलाड़ियों का है बोलबाला, अगर नहीं खेले तो आठों टीमों पर पड़ेगा बड़ा असर

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कोलकाता। बिन चांद क्या चकोर, बिन बारिश क्या मोर और बिन विदेशी क्रिकेटर क्या आइपीएल! फिलहाल अभी यह तय नहीं है कि दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट लीग आइपीएल होगी या नहीं और अगर होगी तो उसमें विदेशी क्रिकेटर शामिल होंगे या नहीं। टोक्यो ओलंपिक के एक साल के स्थगन के बाद बीसीसीआइ के हुक्मरानों पर इसे भी रद करने का दबाव बढ़ गया लेकिन अभी तक दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड ने इस पर फैसला नहीं लिया है।

अभी तक की स्थिति यह है कि 14 अप्रैल तक देश में लॉक डाउन है और 15 अप्रैल तक वीजा संबंधी रोक होने के कारण देश में विदेशी खिलाड़ी प्रवेश नहीं कर सकते। इस समय जो हालात हैं, उसमें आइपीएल के आयोजन की संभावनाएं कम ही नजर आ रही हैं, लेकिन आगे अगर हालात संभलते हैं और विदेशी खिलाड़ी इसमें शिरकत नहीं कर पाते या खुद ही खेलने नहीं आते तो आठों फ्रेंचाइजियों पर इसका असर पड़ना तय है। आइए जानते हैं कि विदेशी क्रिकेटरों के नहीं खेलने से किस टीम पर कितना असर पड़ सकता है।

महेंद्र सिंह धौनी की तीन बार की चैंपियन इस टीम में एक से बढ़कर एक धाकड़ भारतीय खिलाड़ी हैं। चेन्नई में टी-20 क्रिकेट के महारथी सुरेश रैना के अलावा रवींद्र जडेजा, केदार जाधव, हरभजन सिंह, दीपक चाहर, शर्दुल ठाकुर, अंबाती रायुडु, मुरली विजय और पीयूष चावला सरीखे देसी खिलाड़ी भी हैं। इतने अच्छे भारतीय खिलाड़ियों से लैस होने के बावजूद टीम को ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ आलराउंडर शेन वॉटसन और कैरेबियाई आलराउंडर ड्वेन ब्रेवो की कमी बेहद खल सकती है। ये दोनों कई मौकों पर मैच विनर रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी नगिदी और अफ्रीकी स्पिनर इमरान ताहिर का न खेलना भी टीम की गेंदबाजी को कमजोर कर सकता है।

दिल्ली कैपिटल्स

आइपीएल के इतिहास में साल-दर-साल जितना बदलाव दिल्ली की टीम में देखने को मिला, उतना शायद ही किसी और टीम में दिखा हो। इस टीम की कमान अब श्रेयस अय्यर जैसे युवा के हाथों में है, जो टीम इंडिया में अपनी जगह मजबूत कर चुके हैं। टीम में शिखर धवन, अमित मिश्रा, अजिंक्य रहाणे, रविचंद्रन अश्रि्वन, पृथ्वी शॉ और रिषभ पंत जैसे शानदार भारतीय खिलाड़ी भी हैं लेकिन दक्षिण अफ्रीका के कसिगो रबादा, इंग्लैंड के जेसन राय व क्रिस वोक्स और वेस्टइंडीज के शिमरोन हेमटायर के बिना दिल्ली की डगर आसान नहीं होगी।

यह कहना गलत नहीं होगा कि पंजाब की बल्लेबाजी काफी हद तक विदेशी बल्लेबाजों पर ही निर्भर है इसलिए उसे बहुत ज्यादा फर्क पड़ सकता है। कप्तान लोकेश राहुल को छोड़ दिया जाए तो टीम में टी-20 क्रिकेट का और कोई भारतीय स्टार नहीं है, लेकिन विदेशी क्रिकेटरों की बात करें तो इस टीम के पास क्रिस गेल और ग्लेन मैक्सवेल के रूप में दुनिया के दो ऐसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं, जो अपने बूते किसी भी मैच का रुख बदल सकते हैं। पिछली नीलामी में टीम को शेल्डन कोट्रेल के रूप में अच्छा कैरेबियाई गेंदबाज भी मिल चुका है।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु

जिस टीम के पास विराट कोहली जैसा दुनिया का मौजूदा दौर का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हो, उसके बारे में और क्या कहना, लेकिन कहावत है न कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता। ठीक उसी तरह कोहली हर बार अकेले अपनी टीम की नैया पार नहीं करा सकते। बेंगलुरु की टीम बल्लेबाजी में कोहली के अलावा दक्षिण अफ्रीका के 360 डिग्री बल्लेबाज एबी डीविलियर्स पर काफी हद पर निर्भर रही है। टीम में आरोन फिंच जैसा उम्दा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज भी है और अब तो उसे डेल स्टेन के रूप में बेहद अनुभवी तेज गेंदबाज भी मिल गया है। इन विदेशी खिलाड़ियों के बिना बेंगलुरु को रॉयल चैलेंज का सामना करना पड़ सकता है। वैसे टीम की स्पिन गेंदबाजी भारतीयों पर ही निर्भर है। टीम में युजवेंद्र चहल और वाशिंगटन सुंदर जैसे अच्छे स्पिनर हैं।