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भारत 2030 से पहले हासिल करेगा मातृ मृत्युदर में कमी का लक्ष्य : जेपी नड्डा

नई दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि मातृ मृत्युदर में कमी को लेकर स्थाई विकास लक्ष्य (एसडीएफ) को भारत 2030 से पहले हासिल कर लेगा. उन्होंने कहा कि मोदीकेयर के नाम से चर्चित आयुष्मान भारत के माध्यम से सरकार का मकसद देश की कायापलट करना है.

अपने मंत्रालय के चार साल की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए नड्डा ने कहा, “मुझे पक्का विश्वास है कि बच्चों को जन्म देते समय प्रति लाख माताओं में 70 की मौत के लक्ष्य यानी एसडीजी को देश 2030 से पहले हासिल कर लेगा.”

उन्होंने कहा कि जीवन चक्र दृष्टिकोण और बहु क्षेत्रीय दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ रणनीतिक बदलाव के कारण देश में मातृ मृत्यु दर अनुपात (एमएमआर) 2011-13 के 167 अंक से 37 अंक घटकर 2014-16 में 130 अंक पर आ गया.

बता दें कि यूनिसेफ ने मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में भारत की उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की है. इस हफ्ते की शुरूआत में जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम बुलेटिन के मुताबिक भारत ने मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है. साल 2013 से इस तरह की मौतों में 22 फीसदी कमी दर्ज की गई. मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) प्रति एक लाख बच्चों के जन्म पर होने वाली माताओं की मौत संख्या होती है. भारत का मातृ मृत्यु दर 1990 में 1,00,000 में से 556 था जो कि 2016 में घटकर 1,00,000 में से 130 हो गया.