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श्रीलंकाई कप्तान दिनेश चांदीमल बॉल टैंपरिंग में दोषी, कठोर सजा के पक्ष में ICC

दुबई: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद इस महीने के आखिर में होने वाली सालाना कांफ्रेंस में गेंद से छेड़छाड़ के मामलों में कठोर सजा की पैरवी करेगी. श्रीलंका के कप्तान दिनेश चांदीमल पर वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान गेंद से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है. आईसीसी इस तरह के अपराधों को लेवल दो से लेवल तीन का करने पर विचार कर रही है. अभी तक लेवल दो के अपराध में एक टेस्ट या दो वनडे के लिए प्रतिबंध का प्रावधान है जबकि लेवल तीन में खिलाड़ी पर चार टेस्ट या आठ वनडे का प्रतिबंध लगाया जाता है.

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने क्रिकइन्फो से कहा कि क्रिकेट समिति का मानना है कि गेंद से छेड़छाड़ के मामले धोखेबाजी के हैं और खेल भावना के विपरीत हैं. आईसीसी के आचार संहिता का अनुच्छेद 2.2.9 टेस्ट मैच, वनडे और टी-20 के खेल की शर्तों के उपनियम 41.3 के उल्लंघन से संबंधित है. यह गेंद को पॉलिश करने के अलावा किसी भी उद्देश्य के लिए गेंद पर किसी भी तरह की कृत्रिम और गैर-कृत्रिम चीजों को लागू करने के उद्देश्य से गेंद को जानबूझकर जमीन पर फेंकने जैसे कार्यों पर प्रतिबंध लगाता है.

चांदीमल ने गेंद से छेड़खानी मामले में खुद को बेकसूर बताया
श्रीलंका के कप्तान दिनेश चांदीमल ने स्वीट का इस्तेमाल करके गेंद से छेड़खानी के आरोपों को खारिज किया है. आईसीसी ने कहा कि उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के बाद सुनवाई का सामना करना पड़ेगा. आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘दिनेश चांदीमल ने कहा है कि वह आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.2 .9 के उल्लंघन के दोषी नहीं है. मैच रैफरी जवागल श्रीनाथ मौजूदा टेस्ट के बाद मामले की सुनवाई करेंगे.’’

मैच अधिकारियों ने शुक्रवार (16 जून) के खेल के आखिरी सत्र का रिप्ले देखने के बाद चांदीमल को आरोपी ठहराया था. रिप्ले में दिखाया गया कि चांदीमल ने अपनी जेब से स्वीट निकाली और मुंह में डाली. उन्होंने गेंद पर कुछ कृत्रिम पदार्थ भी लगाया.

खिलाड़ियों के बचाव में उतरा श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड
वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में बॉल टैंपरिंग मामले में फंसे श्रीलंका टीम के कप्तान दिनेश चांदीमल पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा लगाए गए आरोप के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) अपने खिलाड़ियों के बचाव में उतर आया था वेबसाइट ‘ईएसपीएन डॉट कॉम’ की रिपोर्ट के अनुसार, एसएलसी ने एक मीडिया रिलीज के जरिए यह कहा है कि वह अपनी टीम के किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ लगे असंगत आरोपों से उसका बचाव करेगा.

श्रीलंका बोर्ड ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “टीम प्रबंधन ने हमें यह बताया है कि श्रीलंका टीम के खिलाड़ियों ने कुछ भी गलत नहीं किया है. ऐसे में अगर किसी भी प्रकार का गलत आरोप लगाया जाता है, तो बोर्ड अपनी टीम के किसी भी खिलाड़ी के बचाव में जरूरी कदम उठाएगा.”

गौरतलब है कि पिछले दो साल में दूसरी बार हो रहा है, जब श्रीलंका को गेंद के साथ छेड़छाड़ के मामले में विवादों का सामना करना पड़ा है. इससे पहले टीम को पिछले साल दासुन शनाका के कारण इस प्रकार के मामले से जूझना पड़ा था.