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यदि कश्मीर समस्या का हल चाहिए तो 2019 से पहले बिना सुरक्षा के एक हफ्ता वहां गुजारें राजनेता: गौतम गंभीर

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर भारतीय सेना और सामाजिक मुद्दों को लेकर अक्सर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं. सोशल मीडिया पर भी वह अक्सर सामाजिक मुद्दों को लेकर भी अपनी आवाज उठाते रहते हैं. कश्मीर में हो रही पत्थरबाजी की घटनाओं से गौतम गंभीर खासे नाराज हैं. वह सेना के जवानों पर पत्थर बरसाने वालों की वकालत करने वाले लोगों और नेताओं पर भी भड़के. बता दें कि गौतम सिर्फ सामाजिक और देश से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अपनी राय ही नहीं रखते हैं, बल्कि समाज के लिए कई पहल भी करते हैं. गौतम भारतीय सेना के लिए अपनी राय नहीं देते बल्कि शहीद जवानों के बच्चों के लिए भी वह काफी काम कर रहे हैं. गौतम गंभीर अबतक कई शहीद जवानों के परिवार और उनके बच्चों की मदद कर चुके हैं.

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के नौहट्टा में सुरक्षा बलों की गाड़ियों पर भीड़ ने बुरी तरह से पत्थरबाजी की. सुरक्षा बलों के पास अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी भगाने के अलावा कोई रास्ता नहीं था. ऐसे में सुरक्षा बलों की गाड़ी की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई. इस मामले की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई.

दरअसल, श्रीनगर के नौहट्टा में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष के दौरान दो युवक कथित रूप से सीआरपीएफ की गाड़ी की चपेट में आए गए थे. दोनों को सौरा के एसकेआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां कैसर भट नाम के युवक ने दम तोड़ दिया था. युवक की मौत के बाद से इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया. सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

ऐसे में गौतम गंभीर ने सुरक्षा बलों का पक्ष लेते हुए पत्थरबाजों की जमकर आलोचना की है. इसके साथ ही उन्होंने पत्थरबाजों या आतंकियों से कमरे में बैठकर बात करने वाले राजनेताओं को भी आड़े हाथों लिया है.

गौतम गंभीर ने इस घटना का एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो को शेयर करते हुए गौतम ने लिखा- ‘मैं बहुत दुखी हूं. हैरान हूं अगर भारत अब भी यही सोचता है कि पत्थरबाजों से कमरे में बैठकर बातचीत की जा सकती है. छोड़िए ये बातें और असलियत देखिए, राजनेताओं को चाहिए कि वे सुरक्षाबलों को मौके दें ताकि सीआरपीएफ उन्हें रिजल्ट दिखाए.’

इसके बाद गौतम गंभीर ने एक और ट्वीट किया. इस ट्वीट में उन्होंने कश्मीर समस्या का हल बताया है. गौतम गंभीर ने ट्वीट करके हुए लिखा- ‘मेरे पास एक हल है, जो भी राजनेता 2019 में चुनाव लड़ना चाहता है उसके लिए कश्मीर में अपने परिवार के साथ बिना सुरक्षा के एक हफ्ता गुजरना जरुरी किया जाए. इस रास्ते के अलावा और किसी तरह से वे सुरक्षाबलों की परेशानियों और कश्मीरी होने के असली मतलब नहीं समझ पाएंगे.’

इतना ही नहीं, इस मामले में गौतम गंभीर और एक कश्मीरी नेता के बीच टि्वटर पर बहस भी छिड़ गई. इस ट्वीट पर राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला के सचिव और कश्‍मीरी नेता तनवीर सादिक ने गंभीर पर तंज कसते हुए लिखा,’ गौतम गंभीर मेरे पास एक हल है. जब तक आप चल नहीं रहे हो तब तक क्रिकेट छोड़ दो और मेरे मेहमान बनकर कश्‍मीर में जहां मैं रहता हूं, आप भी रहो. मेरा विश्‍वास करो कि कोई आपको छुएगा नहीं. इसके अलावा हाशिए पर खड़े गरीब कश्‍मीरियों की दुर्दशा समझने का कोई तरीका नहीं है.’

इसका जवाब देते हुए गौतम गंभीर ने कहा- इतने सालों से आप लोग कश्मीरियों के लिए क्या कर रहे हैं. गंभीर ने लिखा,’ टैक्‍सपेयर्स के पैसों पर रहने और सभी सुविधाओं का मजा लेने के साथ आप लोगों ने कश्‍मीरियों को मूर्ख बनाने के अलावा इतने सालों में क्‍या किया.’

यह बहस बढ़ती चली गई और तनवीर ने लिखा, ‘गौतम हमने लोगों के लिए बहुत काम किया है, अगर आप आए तो देख सकेंगे कैसे मासूम कश्मीरियों को फंसाया जाता है. आप अपने कथित तौर पर छिपाए गए कालेधन में से कुछ पैसे को अच्छे कामों के लिए खर्च क्यों नहीं करते. कश्मीरियों के लिए नहीं तो फौजी फंड के लिए ही सही. इससे आप कहीं तो काम आएंगे.’

इस ट्वीट के बाद गौतम गंभीर ने कोई जवाब नहीं दिया. बता दें कि जम्मू और कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं में कोई कमी नहीं आ रही है. सेना की गाड़ी के नीचे आकर एक पत्थरबाज की मौत होने के बाद भी प्रदर्शनकारी लगातार सेना को अपना निशाना बना रहे हैं. इस घटना के बाद एक बार फिर भीड़ ने सेना की गाड़ियों को अपना निशाना बनाया था. सीआरपीएफ की गाड़ी के नीचे आकर एक पत्थरबाज की मौत के मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सीआरपीएफ के खिलाफ दो मामले दर्ज किए हैं.

27 मई को कुरवाड़ा के तंगधार में हुई एक मुठभेड़ में सेना ने 5 आतंकवादियों के मार गिराया था. इनमें से एक आतंकि पुलगामा का रहने वाला था. आंतकी की मौत पर घाटी में कई दिनों से प्रदर्शन किए जा रहे हैं. हाल ही में पत्थरबाजों की भीड़ के बीच आतंकियों ने सीरआरपीएफ के जवानों पर ग्रेनेड से भी हमला किया. पुलवामां में हुए हमले में सीआरपीएफ के दो जवान घायल हो गए.