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नौसेना प्रमुख ने की सीमा के हालात पर बात, कहा- भरोसा दिलाना चाहता हूं हम पूरी तरह तैयार

नई दिल्ली. नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार  ने गुरुवार को आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उत्तरी सीमा की मौजूदा स्थिति ने सुरक्षा से जुड़ी जटिलताओं को बढ़ा दिया है. साथ ही उन्होंने कोविड-19 के चलते हुईं परेशानियों पर भी बात की. उन्होंने भरोसा जताया है कि भारतीय नौसेना समुद्री सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार है. एडमिरल कुमार ने मंगलवार को ही नौसेना प्रमुख का पद संभाला है. उन्होंने रिटायर हुए एडमिरल करमबीर सिंह की जगह ली.

शुक्रवार को एडमिरल हरि कुमार ने कोविड के दौरान नौसेना की तरफ से किए गए प्रयासों की चर्चा की. उन्होंने बताया कि 10 समुद्री जहाज ने मित्र देशों को कोविड दौरान दवाइयां , वैक्सिन और मानवीय सहायता पहुंचाईं. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि भारतीय नौसेना कोविड के दौर में किसी भी विपरीत स्थिति से निपटने के लिए तैयार थी. उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान नेवी अस्पताल ने लोगो की मदद की.

एडमिरल ने कहा कि सागर मिशन के तहत 22 देशों के साथ बाइलेट्रल और मल्टीलेट्रल सैन्य अभ्यास को अंजाम दिया. साथ ही आत्मनिर्भर भारत के तहत पिछले 7 सालों में 28 जहाज और पनडुब्बियां नौसेना में शामिल की गई हैं. उन्होंने बताया कि 39 शिप और सबमरीन के निर्माण का काम जारी है, जिसमें 37 भारत में ही हैं. चीन को लेकर उन्होंने कहा कि हमे चीन नेवी की गतिविधियों की जानकारी है. उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में चीन ने 130 से ज़्यादा जहाज तैयार किए हैं, इसका मतलब है कि हर साल 13 से 14 शिप बनाए गए हैं.

उन्होंने कहा कि नेवल एवियेशन के तहत 9 एडवांस लाइट हैलिकॉप्टर, 2 चीता हैलिकॉप्टर और 2 डॉर्नियर के भारतीय नौसेना मे शामिल किये गए हैं और कारवार में नौसेना का प्रोजेक्ट सीबर्ड लगातार जारी है. उन्होंने बताया कि आईएसी विक्रांत अपने दो समुद्री ट्रायल को भी पूरा कर चुका है. उन्होंने जानकारी दी है कि नौसेना द्वीप क्षेत्रों में इंफ्रा डेवलपमेंट पर ध्यान दे रही है, जो सैन्य कार्रवाई के समय होने वाले बदलावों में मदद कर सकती है.

भाषा के अनुसार, एडमिरल कुमार बल की बागडोर संभालने से पहले पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे. उन्होंने 25वें नौसेना प्रमुख के तौर पर पदभार संभाला है. 12 अप्रैल 1962 को जन्मे एडमिरल कुमार, एक जनवरी 1983 को भारतीय नौसेना की कार्यकारी शाखा में सेवा में शामिल हुए थे. लगभग 39 वर्षों की अपनी लंबी एवं विशिष्ट सेवा के दौरान, एडमिरल कुमार ने विभिन्न कमान, स्टाफ और निर्देशात्मक नियुक्तियों में सेवा दी है. वह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला के पूर्व छात्र हैं.

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