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चीन ने पाकिस्तान से दिखाई दोस्ती, 50 करोड़ डॉलर कर्ज की शर्तों में दी छूट

इस्लामाबाद: चीन ने पाकिस्तान को दिये 50 करोड़ डॉलर कर्ज की शर्तों में छूट देने पर सहमति जताई है. यह ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले पांच साल में 44 अरब डॉलर कर्ज लेने के बावजूद खस्ता हालत में है. पाकिस्तान के दैनिक अखबार दी एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार , पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पास जून 2012 में 50 करोड़ डालर जमा किये थे. यह कर्ज इसी साल जून के पहले सप्ताह में परिपक्व होने वाला है लेकिन चीन ने इसकी परिपक्वता अवधि को एक साल बढ़ाने पर सहमति जता दी है.

हालांकि,पाकिस्तान इस राशि का इस्तेमाल नहीं कर सकता है. यह महज उसका विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिए है. उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान पहले ही चालू वित्त वर्ष में चीन से 2.20 अरब डॉलर का व्यावसायिक कर्ज ले चुका है . वह खाड़ी देशों के बैंकों से भी 20 से 35 करोड़ डॉलर के व्यावसायिक कर्ज के लिए बातचीत कर रहा है. स्टेट बैंक आफ पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 18 मई को समाप्त सप्ताह में 47.90 करोड़ डालर घटकर 10.32 अरब डालर रह गया.

जून 2017 तक पाकिस्तान पर होगा 79 अरब डॉलर का कर्ज, मूडीज़ ने किया आगाह
आपको बता दें कि पिछले साल रेटिंग एजेंसी मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने पाकिस्तान के बढ़ते सरकारी कर्ज के प्रति आगाह करते हुए कहा था कि पाकिस्तान का बाह्य ऋण इस साल जून तक बढ़कर 79 अरब डॉलर हो जाएगा. डेली टाइम्स ने एजेंसी के हवाले से कहा है कि बढ़ते कर्ज के कारण देश की वित्तीय स्थिति कमजोर होगी और कर्ज वहन करने की उसकी क्षमता पर असर पड़ेगा.

अपनी नवीनतम रपट में मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने कहा है कि पाकिस्तान के समक्ष चुनौतियों में उच्च सरकारी ऋण बोझ, कमजोर भौतिक व सामाजिक बुनियादी ढांचा, कमजोर बाह्य भुगतान सिथति तथा उच्च राजनीतिक जोखिम शामिल है.इसके अनुसार जुलाई-जून 2016-17 के आखिर तक पाकिस्तान का बाह ऋण बढ़कर 79 अरब डालर हो जाएगा जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र का हिस्सा 77.7 अरब डॉलर रहेगा. मौजूदा वित्त वर्ष के लिए उक्त अनुमान स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान द्वारा जारी पहले के पूर्वानुमान से कहीं अधिक है. केंद्रीय बैंक ने कहा था कि कुल बाह्य ऋण व देनदारी दिसंबर 2016 के आखिर तक 74.2 अरब डॉलर हो गई.

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