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भंडाफोड़: BJP विधायक ने बनाया SC-ST एक्ट को धंधा, 5 दर्जन से ऊपर लोगो पर अब तक लगा चुके है

बाँदा: उत्तर प्रदेश के नरैनी विधानसभा से बीजेपी विधायक राजकरण कबीर द्वारा अपनी विधानसभा के सैकड़ो लोगो पर एससी एसटी एक्ट के तहत लोगो को फ़साने का मामला सामने आया है। बीजेपी विधायक क्षेत्र में चल रहे अपने अवैध खनन व क्षेत्र में अपने खिलाफ बोलने वाले लोगो पर लम्बे अर्से से एससी एसटी एक्ट को ढाल की तरह प्रयोग कर रहे थे। जिससे परेशान लोगो ने हमारी टीम से संपर्क साधा।

हाल ही में एक ऐसे ही प्रकरण में विधायक ने प्रेम नगर के प्रधान राम दुलारे, करतल ग्राम प्रधान विद्यानंद, व 6 अन्य नामजद सहित 60 लोगो को एक साथ एससी एसटी एक्ट में फसा डाला है। घटना 6 अक्टूबर की है जब प्रेम नगर के प्रधान रामदुलारे जी हनुमान मंदिर में रामायण के पाठ के निमंत्रण में शामिल होने के लिए जा रहे थे। जहां उन्हें मंदिर से महज 600 मीटर के पास विधायक के अवैध खनन के ट्रेक्टर व ट्रक रास्ते को जाम किये मिल गए।

प्रधान जी द्वारा उन्हें रास्ता देने की गुजारिश करी गयी जिसपर विधायक के भतीजे मनोज सहित उनके गनर योगेंद्र यादव व अन्य लोगो ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर विधायक के गुंडों ने अकेले पड़े प्रधान को मारना पीटना शुरू कर दिया जिसको रामायण से आते एक ग्रामीण ने देख लिया व मौके पर ग्रामीणों को बुला लिया। प्रधान को विधायक के भतीजे व गुंडों द्वारा पीटे जाने की खबर पाते ही सभी ग्रामीण मौके पर पहुंचे जिन्होंने किसी प्रकार से उन्हें बचाया।

उस दिन मामला सुलझ जाने पर गाँव वालो ने ग्राम में चल रहे उनके अवैध खनन का विरोध किया। दरअसल विधायक के गुंडे जबरन खेतो में अवैध खनन करते है। वहीं विरोध करने पर किसानो को मारा पीटा व एससी एसटी एक्ट में फंसा दिया जाता है। ओबीसी बहुल इस गाँव में सबसे अधिक एससी एसटी एक्ट के मुक़दमे इसी वर्ग से आने वाले लोगो पर विधायक द्वारा दर्ज कराये जाते है।

खेतो में विधायक द्वारा कराया जा रहा अवैध खनन

अवैध खनन पर हमने गाँव के कई किसानो से बातचीत करी जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें कई बार इसके लिए जबरन मारा पीटा भी गया है। वहीं कई ऐसे लोगो से भी बात हुई जिन्हे विधायक की तरफ से फर्जी मुकदमो में आरोपी बना दिया गया है। ऐसे ही एक मजदुर ने हमें बताया कि वह लॉक डाउन के दौरान विधायक के अवैध खनन में मजदूरी करने गया जहां लगभग उसका 23 हज़ार रूपए विधायक का भतीजा काम करने के बाद देने से मना कर दिया। वहीं बाद में मारने पीटने के बाद फर्जी मुक़दमे में उसे व उसके साथी मजदूरों को फसा दिया।

6 तारीख को हुई प्रधान के साथ हुई इस घटना के बाद विधायक ने खुद थाने जा फर्जी मुकदमा दर्ज कराया जिसमे उन्होंने मौके से हज़ारो किलोमीटर दूर लोगो को भी फसा डाला। नामजद किये गए छोटू राजपूत(लोधी) पिछले कई महीनो से सूरत में ही नौकरी कर रहा है।

विधायक द्वारा दर्ज कराई गई FIR

छोटू से हमने जब बातचीत की तो उसके मकान मालिक ने भी उसके पिछले कई महीनो से व घटना वाले दिन सूरत में ही रहने की बाते कही। वहीं छोटू ने हमें उस दिन अपनी कंपनी तक जाने वाली बस की टिकट भी उलब्ध कराई है। साथ ही जिस फैक्ट्री में वह कार्य करता है वहाँ भी उसके रहने की पुष्टि हुई है। ऐसे में हज़ारो किलोमीटर दूर रह रहे छोटू को भी इसमें विधायक ने स्वयं नामजद करा दिया।

मौके पर मौजूद रहे लोगो ने हमें बताया कि विधायक उस वक़्त घटनस्थल पर मौजूद ही नहीं थे। जबकि विधायक का भतीजा अपने गनर के साथ प्रधान को साइड मांगने भर से मारने पीटने लगे थे जिसको ग्रामीणों ने पहुंचकर बचाया था। जिससे तमतमाए विधायक ने 8 लोगो को नामजद करते हुए करीब 60 लोगो पर एक साथ एससी एसटी एक्ट लगवा दिया। वहीं विधायक ने प्रधान राम दुलारे पर उनके ऊपर फायरिंग करने के भी बेबुनियाद आरोप भी मढ़े जिसे मौके पर मौजूद लोगो ने नकार दिया। ग्रामीणों के अनुसार प्रधान निहत्थे थे व फायरिंग विधायक के गनर द्वारा की गयी थी।

रिपोर्टर रामू सिंह ठाकुर