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किम से मिलकर ‘सुरक्षित’ महसूस करने लगे हैं ट्रंप, अब इसे बताया देश का ‘सबसे बड़ा दुश्‍मन’

वॉशिंगटन: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ‘फर्जी’ संचार मीडिया को देश का सबसे बड़ा शत्रु बताया है. ट्रंप ने मीडिया द्वारा उत्तर कोरिया के साथ उनके हालिया सम्मेलन को ‘कम करके आंकने’ के प्रयास के बाद यह आरोप लगाया. ट्रंप ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, “फर्जी न्यूज को देखना काफी मजेदार होता है, खासकर एनबीसी और सीएनएन को. ये लोग उत्तर कोरिया के साथ समझौते को कम करने आंकने के लिए मजबूती से लड़ रहे हैं. 500 दिन पहले वे लोग इस समझौते की भीख मांग रहे थे-ऐसा बताया जा रहा था युद्ध हो जाएगा. ”

हमारे देश का सबसे बड़ा शत्रु फर्जी समाचार है : ट्रंप
समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने सिंगापुर में उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन के साथ ऐतिहासिक बैठक के बाद वाशिंगटन पहुंचने पर कहा, “हमारे देश का सबसे बड़ा शत्रु फर्जी समाचार है जो कि मूर्खो द्वारा काफी आसानी से प्रकाशित किया जाता है. ” बैठक के दौरान, दोनों नेता उत्तर कोरिया के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया पर सहमत हुए, हांलाकि इसकी समझौते की प्रक्रिया का भविष्य में पता चल पाएगा. वहीं ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास को समाप्त करने का वादा किया.

सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, ट्रंप ने उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया और जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से ही ट्रंप रूढ़िवादी फॉक्स न्यूज को छोड़कर बाकी सभी अमेरिकी मीडिया संस्थानों की लगातार निंदा कर रहे हैं.

सीमा पर तनाव कम करने की कोशिश, सैन्य वार्ता कर रहे हैं कोरियाई देश
अपनी-अपनी सीमाओं पर तनाव कम करने के लिये उत्तर कोरिया एवं दक्षिण कोरिया के बीच गुरुवार (14 जून) को दुर्लभ उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता होने वाली है. एक-दूसरे के धुर प्रतिद्वंद्वी रहे दोनों देशों ने आपसी तनाव के चलते अपनी-अपनी सीमाओं पर भारी सुरक्षा इंतजाम किये हैं. ऐसी संभावना है कि सीमाई गांव पनमुनजोम में वार्ता के दौरान उत्तर कोरिया के अधिकारी दक्षिण कोरिया से अमेरिका के साथ उसके सैन्य अभ्यासों को रोकने के मुद्दे पर पक्के वादे की मांग करेंगे.

मंगलवार (12 मई) को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ वार्ता के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि परमाणु वार्ता के दौरान सहयोगियों को ‘‘नेक नीयत’’ दिखाते हुए युद्ध का खेल बंद करना चाहिए. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि वह ट्रम्प के कथन के मर्म और उसके प्रयोजन को समझने की कोशिश कर रहे हैं. वे यह भी कोशिश कर रहे हैं कि सहयोगी देश उत्तर कोरिया से बातचीत की दिशा में ‘‘आगे बढ़ने के लिये’’ नए-नए तरीके इजाद करें.

दिसंबर 2007 के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली जनरल स्तर की वार्ता होने वाली है. वार्ता से पहले दक्षिण कोरिया के मेजर जनरल किम डो-ग्यून ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति के नये युग की शुरुआत के लिये हमलोग अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे.’’

इनपुट भाषा से भी