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‘आप’ से प्रेरित होकर स्टार फुटबॉलर बाईचुंग भूटिया ने लांच की नई पार्टी

नई दिल्ली : भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने गुरुवार को औपचारिक तौर पर अपनी पार्टी ‘हामरो सिक्किम पार्टी’ लॉन्च कर दी. पश्चिम सिक्किम के दारमदिन में करीब एक हजार लोगों की उपस्थिति में भूटिया ने पूर्व सिक्किम मंत्री आरबी सुब्बा के साथ पार्टी की शुरुआत की. भूटिया ने पिछले महीने ही, टीएमसी छोड़ने के दो महीने बाद, इसी नाम की क्षेत्रीय पार्टी ‘हामरो सिक्किम पार्टी’ से जुड़ने की घोषणा की थी. ‘हामरो सिक्किम पार्टी’ इससे पहले 1993 में बन चुकी है. वहीं 1993 में दारमदिन से ही असम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट लॉन्च की थी.

पश्चिम सिक्किम में एसडीएफ का वर्चस्व है और इसी को देखते हुए ही ‘हामरो सिक्किम पार्टी के औपचारिक उद्घाटन के लिए दारमदिन जैसी जगह को चुना गया था. सिक्किम में 2019 में विधानसभा चुनाव होने हैं.पिछले शुक्रवार को ही भूटिया ने अपनी पार्टी के लॉन्च के बारे में बताते हुए कहा था कि उनकी प्राथमिकता सिक्किम डेमोक्रेटिक पार्टी (एसडीपी) को शिकस्त देने की है जो तकरीबन 25 बरस से सिक्किम की सत्ता पर काबिज है.

भूटिया ‘हमरो सिक्किम पार्टी’ को मजबूती प्रदान करने को अपनी प्राथमिकता बताया. हाल ही में वे कह चुके हैं उनकी पार्टी दिल्ली में सत्ता रूढ़ आम आदमी पार्टी से प्रेरित है. उन्होंने कहा था कि आप की भ्रष्टाचार से जंग पार्टी को लोगों के नजदीक लेकर आई.

भूटिया ने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर 2014 का लोकसभा चुनाव और 2016 का पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन दोनों ही चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. इसके बाद पूर्व फुटबॉलर ने ममता बनर्जी की पार्टी छोड़ दी थी. भूटिया का कहना था कि तृणमूल कांग्रेस में रहने के दौरान उन्हें एक बाहरी व्यक्ति जैसा होने का अहसास हुआ.

भूटिया ने तब कहा था, “टीएमसी के साथ मैं एक उम्मीदवार से ज्यादा एक सेलेब्रिटी था. जब मैं दार्जिलिंग से चुनाव लड़ा तब मेरे उपर एक बाहरी उम्मीदवार होने का ठप्पा लगा.”

इससे पहले टीएमसी से जुड़े थे बाईचुंग
भूटिया ने फरवरी में ट्विटर पर टीएमसी से इस्तीफा देने की घोषणा की. बाईचुंग भूटिया ने साल 2013 में तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ली थी. जिसके बाद दार्जिलिंग में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर उन्होंने साल 2014 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा था.

भूटिया के टीमएमसी से अलग होने के मुद्दे पर कहा, “मैं गोरखालैंड मुद्दे पर टीएमसी से सहमत नहीं था और यह मेरा निजी निर्णय है और मैंने जो कहा उसे मैं अब भी मानता हूं.” भूटिया ने गोरखालैंड राज्य का समर्थन किया था.

यह पूछे जाने पर कि नई राजनीतिक पार्टी से जुड़ने के लिए किस चीज ने उन्हें प्रेरित किया, भूटिया ने कहा, “मैं सिक्किम के लोगों के लिए काम करना चाहता हूं. मुझे उम्मीद है कि मेरे राजनीति में आने से सिर्फ सिक्किम ही नहीं बल्कि देश के कई सारे युवाओं को प्रेरणा मिलेगी.”

भूटिया का मानना है कि सिक्किम में भ्रष्टाचार बहुत फैला हुआ है और वे पार्टी का मुद्दा सीबीआई जांच की मांग बनाना चाहते हैं. .
इसके अलावा बेरोजगारी भी एक प्रमुख मुद्दा है. भूटिया के मुताबिक, “हम एक आर्गेनिक राज्य होने का दावा करते हैं लेकिन हम अपनी जमीन फार्मास्यूटिकल कंपनियों के हाथों खोते जा रहे हैं. हमारा लक्ष्य इन मुद्दों का समाधान करना है.” सिक्किम में 2019 में विधानसभा चुनाव होने हैं.