EBM News Hindi

बरेली: जिला अस्पताल में कैसे हो इलाज, महीनों से नहीं हैं कई दवाएं

जिले में करीब पांच महीने तक बदहाल रहीं स्वास्थ्य सेवाएं अब सुचारू रूप से संचालित हो रहीं हैं। लेकिन अब भी कई परेशानियां लोगों के सामने आ रही हैं। जिला अस्पताल में करीब तीन सौ से अधिक दवाओं स्टाक में होना आवश्यक है। लेकिन बीते कई महीनों से 64 दवाएं मौजूद ही नहीं हैं। जीवन रक्षक जरूरी दवाओं को छोड़ दें तो अन्य दवाओं का टोटा है। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने सीएमओ को पत्र लिखा है।

शासन द्वारा ड्रग मॉनीटरिंग वेबसाइट में हर दिन दवाओं की उपलब्धता बतानी पड़ती है। शुक्रवार को इसमें 327 दवाओं में केवल 126 ही अच्छी संख्या में उपलब्ध हैं। 64 दवाएं ऐसी है जो अवश्य होनी चाहिए लेकिन वह उपलब्ध नहीं हैं। कुछ दवाएं तो बीते कई माह से खत्म हैं। इस सम्बंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. हर्षवर्धन ने सीएमओ को पत्र लिख कर समस्या बताई। साथ ही दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

एक माह से ज्यादा का हो गया समय
जिला अस्पताल में दवाओं का संकट खत्म होने का नाम नहीं हैं। कई बार रैबीज के इंजेक्शन भी खत्म हो चुके हैं और एंटीबायोटिक दवाएं नहीं हैं। इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को दवाएं उपलब्ध न हो पाने से कई मरीजों ने अपनी छुट्टी करा ली है, जबकि कुछ मरीजों को डाक्टरों ने साफ तौर पर बता दिया है कि दवा नहीं हैं इलाज मुश्किल है। पिछले दिनों डाक्टरों ने इस संबंध में सीएमओ को भी मौखिक तौर पर समस्या से अवगत कराया था। लेकिन उन्होंने भी अपनी मजबूरी बता दी है।

ढाई साल से नहीं है डेरीफाइनिल दवा
जिला अस्पताल में आने वाले सांस के मरीजों के लिए डेरीफाइनिल दवा पिछले ढाई साल से मौजूद नहीं है। सांस के मरीजों के लिए चिकित्सक साल्बिटामाल दवा लिखते हैं। इसके अलावा मरीजों को इन्हेलर भी दिया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार साल्बिटामाल दवा ज्यादा लेने पर मरीज की आंखों की रोशनी भी जा सकती है।

सीएमएसडी बंद अब होगी दवाओं की सप्लाई में दिक्कत
स्वास्थ्य विभाग के मुख्य स्टोर के कर्मचारी के पॉजिटिव आने के बाद इसे भी तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इसके चलते जिले में दवाओं की आपूर्ति बाधित हो जाएगी

रिपोर्टर रामू सिंह ठाकुर