Amitabh Bachchan: महानायक अमिताभ बच्चन अक्सर अपने Tumblr ब्लॉग पर रोजमर्रा की बातें, अनुभव और भावनाएं साझा करते रहते हैं. हाल के दिनों में वे लगातार भावुक हैं- पहले अपने दोस्त और शोले को-स्टार धर्मेंद्र को याद करते हुए उन्होंने श्रद्धांजलि दी थी, और अब अपने पिता, महान कवि हरिवंश राय बच्चन की जन्म-जयंती ने उन्हें फिर से स्मृतियों में डुबो दिया है.
छवियां और एहसास मन से नहीं जा रहे- अमिताभ
शनिवार को लिखे अपने ब्लॉग में अमिताभ ने लिखा कि बीते दिनों की “छवियां और एहसास” उनके मन से जा नहीं रहे हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि वे काम की दिनचर्या में पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पा रहे. अमिताभ ने लिखा, “पिछले दिनों की छवियां और भावनाएं अब भी मन में हैं… शरीर और मन काम की रूटीन के प्रति अनुत्तरदायी हो गए हैं. लोग कहते हैं ‘शो मस्ट गो ऑन’, शायद यह बात सकारात्मकता से कही गई हो, लेकिन जो दुख में होते हैं, वही इसकी गहराई समझते हैं.”
KBC का क्रू डिनर पर ले गया फिर भी मन व्यथित था- अमिताभ
अमिताभ ने आगे बताया कि कौन बनेगा करोड़पति के क्रू ने उन्हें काम के बाद डिनर पर ले जाने की कोशिश की- एक शानदार दक्षिण भारतीय रेस्तरां में. खाने और माहौल अच्छा था, पर उनका मन भीतर से व्यथित था. उन्होंने लिखा कि किसी को भी यह पता नहीं था कि 27 नवंबर को उनके ‘बाबूजी’ की जन्म-जयंती थी. “हर किसी की अपनी दुनिया होती है,” उन्होंने कहा.
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