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2019 से पहले इन 4 लोकसभा सीटों पर होना है उपचुनाव, बीजेपी पर दबाव

नई दिल्ली: अगले वर्ष देश में होने वाले आमचुनाव से पहले, 14 सीटों पर हुए उपचुनावों में एकजुट विपक्ष ने बीजेपी को शिकस्त दी. गुरुवार को देश के कई राज्यों में से आए नतीजों ने स्पष्ट संकेत दिया कि अगर विपक्ष इसी तरह से लामबंद हुआ तो बीजेपी के लिए 2019 की राह आसान नहीं होगी. बीजेपी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण कैराना क्षेत्र और महाराष्ट्र की भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा. पार्टी को महाराष्ट्र की पालघर लोकसभा सीट पर जीत मिली. दस राज्यों में 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में पार्टी को सिर्फ एक सीट पर ही जीत नसीब हुई.

बीजेपी के लिए परीक्षा की चुनौतियां कम नहीं हुई
बीजेपी के लिए अभी चुनौतियां कम नहीं हुई क्योंकि 2019 से पहले 4 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव और होने हैं. इनमें कर्नाटक की तीन और जम्मू-कश्मीर की एक सीट शामिल है. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के बाद बीएस येदियुरप्पा और बी. श्रीरामुलु ने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था. येदियुरप्पा शिवमोगा लोकसभा सीट से सांसद थे जबकि श्रीरामुलु बेल्लारी सीट से लोकसभा सांसद थे. इन दोनों के इस्तीफे के बाद यहां उपचुनाव होना है. इनके अलावा, जेडीएस के सांसद सीएस पुट्टाराजू मांड्या लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था. अब इन सीटों पर होने वाले उपचुनाव में जहां विपक्ष मजबूत हुआ है, वहीं बीजेपी पर दबाव बढ़ गया है.

2014 के बाद से बीजेपी ने गंवाई 9 सीटें
2014 में बीजेपी ने 282 सीटों के साथ अपने बूते पूर्ण बहुमत जीता था, लेकिन पिछले चार सालों में अब तक हुए उपचुनावों में पार्टी 9 सीट हार चुकी है. गुरुवार को पार्टी दो लोकसभा सीटें हारी जबकि एक पर जीत हासिल की. इस तरह अब कुल मिलाकर पार्टी के पास लोकसभा में 273 की संख्या है. बीजेपी ने लोकसभा सीटों के उप चुनाव में गुरुवार को उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण कैराना सीट और महाराष्ट्र में भंडारा-गोंडिया सीट को खो दिया। पार्टी ने पालघर संसदीय सीट को बरकरार रखा, जबकि इसकी सहयोगी नागालैंड डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) नागालैंड सीट जीतने में सफल रही. बीजेपी ने इससे पहले इस साल उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित गोरखपुर और फूलपुर संसदीय सीटों और राजस्थान में अजमेर और अलवर संसदीय सीटों को खो दिया.

बीजेपी सत्ता में आने के बाद से उपचुनाव में बीजेपी चार सीटों पर हारी जो कांग्रेस की झोली में गईं. बीजेपी की दो सीटें समाजवादी पार्टी के पास गईं और एक-एक सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के खाते में गईं. आरएलडी ने लोकसभा में अपना खाता विपक्षी पार्टियों द्वारा समर्थित अपनी उम्मीदवार तबस्सुम हसन की जीत से खोला जिन्होंने कैराना में बीजेपी उम्मीदवार मृगांका सिंह को हराया.