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26/11 के नायक पर लिखी बेटी ने किताब: आइपीएस अधिकारी के अलावा भी बहुत कुछ थे हेमंत करकरे

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मुंबई। 26/11 के मुंबई हमले की 11वीं बरसी की पूर्व संध्या पर उसके नायक पूर्व आइपीएस अधिकारी हेमंत करकरे के विराट व्यक्तित्व को उन पर लिखी एक किताब के जरिये याद किया गया। शहीद की बेटी जुई करकरे नवारे ने ‘हेमंत करकरे : अ डॉटर्स मेम्वायर’ नामक किताब में लिखा है कि उनके पिता सिर्फ एक आदर्श आइपीएस अधिकारी ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता, पारिवारिक व्यक्ति, कलाकार और बेहतरीन इंसान भी थे।

हेमंत करकरे एक आदर्श पुलिस अधिकारी थे

यहां सोमवार को आयोजित किताब के विमोचन समारोह में आइटी इंजीनियर नवारे ने कहा, ‘उन्होंने अपने पूरे जीवन में कई भूमिकाएं अदा कीं। वह एक आदर्श पुलिस अधिकारी थे। उन्होंने वैश्विक स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। वह सामाजिक कार्यकर्ता और कलाकार भी थे।’ नवारे ने कहा कि यह किताब एक सामान्य लड़के के असामान्य बनने की प्रेरक कहानी है।

26 नवंबर 2008 को मुंबई में आतंकी हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी

उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2008 को आतंकियों ने मुंबई के ताज होटल व अन्य जगहों पर हमला कर दिया था। तब हेमंत करकरे मुंबई आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के प्रमुख थे। वह बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर खुद आतंकियों से लोहा लेने निकल पड़े थे और उनसे मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे। इस हमले में विदेशी नागरिकों समेत 166 लोग मारे गए थे और 300 से ज्यादा घायल हुए थे।

26 नवंबर 2008 को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर हुए आतंकी हमले से पूरा देश सिहर उठा था। आज उस हमले को 11 वर्ष पूरे हो गए हैं। लगभग 60 घंटों तक सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में सैकड़ों जानें गईं। आतंकियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, लियोपोल्ड कैफे, ताज और ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल, कामा अस्पताल और नरीमन हाउस को निशाना बनाया था। मुंबई पुलिस ने दिलेरी से इन आतंकवादियों का सामना किया। अगले दिन सुबह एनएसजी कमांडो ने इस मिशन की कमान संभाल ली थी।