EBM News Hindi

#MeToo अगर अमेरिका से ‘इंडिया’ पहुंचा है तो ‘भारत’ के गांवों में भी पहुंचेगा!

38

जब हम #MeToo पर बहस कर रहे थे तब राष्ट्रीय राजधानी से करीब 80 किलोमीटर दूर हरियाणा के रोहतक में एक महिला को उसके पति ने सिर्फ इसलिए घर से निकाल दिया कि उसने फेसबुक पर अपनी आईडी बना ली. बिहार के सुपौल स्थित कस्तूरबा स्कूल में छेड़खानी का विरोध करने पर 34 लड़कियों से मारपीट की गई. लेकिन इन मामलों को ‘मी टू’ से नहीं जोड़ा गया. महिला मामलों के जानकारों का कहना है कि मी टू अगर अमेरिका से ‘इंडिया’ पहुंचा है तो ‘भारत’ के गांवों में भी पहुंचेगा. लेकिन इसमें लंबा वक्त लगेगा. (ये भी पढ़ें: पारो की कहानी…ये जानवरों से भी कम दाम में खरीदी-बेची जाती हैं)

हमने रांची, पटना, जमशेदपुर, धनबाद, भागलपुर, गया, आगरा, अलीगढ़, गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, बरेली, मेरठ, रोहतक, मोहाली, जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में अखबारों के लोकल पेज देखे, कहीं भी ‘मी टू’ का जिक्र नहीं है. महिलाओं के खिलाफ अपराध को वैसे ही रिपोर्ट किया गया है जैसे पहले किया जाता था. सिर्फ इलाहाबाद में इसे लेकर एक खबर मिली, जिसमें कुछ लड़कियों ने सेक्सुअल हैरासमेंट पर इस अभियान के जरिए चुप्पी तोड़ी है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.