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रेप पीड़िता का मेडिकल करने से डॉक्टर का इनकार, पुलिसकर्मी से तीखी नोंक-झोंक

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक डॉक्टर ने एक रेप पीड़िता का मेडिकल जांच करने से इनकार कर दिया. पीड़िता एक पुलिसकर्मी के साथ मेडिकल जांच कराने जिला अस्पातल पहुंची थी. लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर ने जांच करने की बजाए उलटे पुलिसकर्मी के साथ ही बदतमीजी करनी शुरू कर दी. घटना का वीडियो सोशल मीडियो पर वायरल हो रहा है. फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कह रही है.

दरअसल, निजामाबाद थाने की पुलिस रविवार (26 मई) की रात रेप पीड़िता का मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी. वहां नाइट ड्यूटी पर मौजूद डॉ असलम ने युवती की मेडिकल जांच करने से मना कर दिया. इसके बाद पुलिसकर्मी और डॉक्टर के बीच बहस शुरू हो गई. सिपाही ने कहा कि आप पब्लिक सर्वेंट है और आप का कर्तव्य है मरीज को देखना. लेकिन उसके बावजूद भी डॉक्टर नहीं माना. देर रात सीएमएस डॉ अमिता अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह से रेप पीड़िता का मेडिकल हुआ.
सिपाही ने बनाया वीडियो

सिपाही ने डॉक्टर की गई बदतमीजी का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जब पुलिसकर्मी ने डॉक्टर से युवती की मेडिकल जांच करने को कहा तो उसने कहा कि इस समय पीड़िता की मेडिकल जांच नहीं हो सकती. पुलिसकर्मी ने डॉक्टर से पूछा कि आप नाइट ड्यूटी पर फिर किसलिए है तो डॉक्टर ने उन्हें सीएमस (चीफ मेडिकल सुप्रीटेंडेंट) से जाकर इस बारे में बात करने को कहा. यही नहीं जब सिपाही ने डॉक्टर से उनके बात करने के तरीके पर सवाल उठाए तो डॉक्टर ने उन्हें वहां से जाने को कहा. यही नहीं पुलिसकर्मी को अपनी हैसियत देखने की बात भी कह डाली.

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

वहीं, इस मामले में एसपी त्रिवेणी सिंह का कहना है कि उन्होंने मामले की जांच एसपी सिटी को सौंप दी है. जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि आजमगढ़ में तमाम डॉक्टर सरकारी नौकरी करते हुए भी प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं, जिसके चलते हुए हॉस्पिटल में ड्यूटी करने से कतराते हैं. जिले का महिला अस्पताल तमाम खामियों से भरा पड़ा है. ऐसे में जब पुलिस का यह वीडियो वायरल हुआ है तो लोग हैरान हैं कि जब वर्दी वाले को इस तरह दुत्कार दिया तो आम मरीजों का और उनके परिजनों की साथ क्या व्यवहार होता होगा?