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राशिद खान कैसे बने रिफ्यूजी से अफगानिस्तान के स्टार गेंदबाज

ये सफर है एक रिफ्यूजी (शरणार्थी) से विश्व स्तर का गेंदबाज बनने का. गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच गेंद की कलाकारी दिखाने का. ये सफर है युद्ध से प्रभावित अफगानिस्तान में अपने सपनों को हासिल करने की जद्दोजहद का. ये सफर है राशिद खान का.

अफगानिस्तान के इस 20 साल के गेंदबाज ने बतौर रिफ्यूजी धूल भरी पिचों से शुरू की गई अपनी कहानी को विश्व के नंबर वन टी-20 गेंदबाज के मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया है. राशिद के सामने अब उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती है. वर्ल्ड कप 2019 में अब उनके सामने दिग्गज खिलाड़ियों से भरी ऑस्ट्रेलिया की टीम है. हालांकि पूर्व कोच मानते हैं कि राशिद खान किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त रखने की क्षमता रखते हैं.

पहला विश्व कप, जिम्मेदारी और चुनौती एक साथ

राशिद खान ने छाेटी सी उम्र में अपने क्रिकेट करियर में कई आश्चर्यजनक मुकाम हासिल कर लिए हैं. अब वह अपना पहला विश्व कप खेलने के लिए तैयार हैं. टीम का अहम खिलाड़ी होने के नाते उन पर काफी जिम्मेदारी है और क्योंकि सामने पांच बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम है तो चुनौती भी बड़ी है. हालांकि उनके स्कूल के कोच अली होती कहते हैं कि राशिद खान वर्ल्ड कप में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी लाइनअप को तबाह करने की क्षमता रखते हैं. वर्ल्ड कप में उनके प्रदर्शन पर सभी की निगाहें होंगी.

इस तरह राशिद को दुनिया ने जाना

इस्लामिया कॉलेज के असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ स्पोर्ट्स अली होती बताते हैं कि कैसे युवा राशिद पर अफगानिस्तान टीम के सीनियर खिलाड़ियों की नजरें पड़ीं. इनमें तब राष्ट्रीय टीम के कप्तान रहे मोहम्मद नबी और नवरोज मंगल भी शामिल हैं. बात 2013/14 की है. राशिद एक टूर्नामेंट खेलने इस्लामाबाद गए थे, जहां उन्होंने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया. तब नबी भी वहीं थे. मैंने उन्हें बताया कि वह एक ऑलराउंडर तलाश कर रहे हैं तो उन्हें राशिद से बेहतर ऑलराउंडर नहीं मिल सकता. हालांकि शुरुआत में वे मेरी बात से सहमत नहीं हुए.

…जब राशिद ने नबी को गलत साबित किया

राशिद ने जल्द ही नबी को गलत साबित कर दिया. उन्होंने 2015 में जिम्बाब्वे दौरे पर अफगानिस्तान के लिए पदार्पण किया और अपनी गेंदबाजी के तरकश में कई तीर जोड़े. अब उनकी गेंदबाजी में पहले से कहीं अधिक विविधता आ गई थी. वे गुगली का अच्छा इस्तेमाल करने लगे और बल्लेबाजों के लिए उनकी गेंदों का अनुमान लगाना और मुश्किल होता गया.

वनडे में सबसे तेज 100 विकेट का विश्व रिकॉर्ड

उपलब्धियों के अपने खजाने में राशिद खान ने पिछले साल ही एक और रिकॉर्ड जोड़ा है. राशिद पिछले साल वनडे क्रिकेट में सबसे तेज सौ विकेट लेने वाले गेंदबाज बने. उन्होंने यह कारनामा अपने 44वें वनडे मैच में ही कर दिया. राशिद ने ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 52 मैचों में ये उपलब्धि हासिल की थी.