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राज्यपाल के सलाहकार विजय कुमार ने कहा- इस्तीफा नहीं दिया, कार्यकाल हुआ पूरा

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित राज्यों में पुनर्गठित होने से एक दिन पहले ही बुधवार को सलाहकार के विजय कुमार का कार्यकाल भी संपन्न हो गया है। उन्होंने सलाहकार पद से इस्तीफे की अटकलों का खंडन किया।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर बुधवार को आधी रात के बाद दो केंद्र शासित राज्यों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बदल जाएगा। जम्मू-कश्मीर के अंतिम और 13वें राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने प्रशासनिक कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए पांच सदस्यीय सलाहकार परिषद बनाई थी। इसमें के विजय कुमार, के स्कंदन, केके शर्मा, खुर्शीद अहमद गनई और फारूक खान शामिल थे।

सरकार ने भी दिया स्पष्टीकरण

सुबह के विजय कुमार के इस्तीफे की अफवाह फैल गई। हालांकि सरकार ने बाद में उनके इस्तीफे की खबरों को नकारते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। उनकी सेवाएं राज्यपाल सत्यपाल मलिक के कार्यकाल तक ही थीं। के विजय ने भी ट्वीट कर कहा कि मेरे इस्तीफे की खूब अफवाहें चल रही हैं।

बतौर सलाहकार मेरा कार्यकाल समाप्त

एक बात स्पष्ट रूप से समझ लीजिए बतौर सलाहकार मेरा कार्यकाल समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में गुजरा वक्त स्मरणीय है। मेरी तरफ से पूर्व राज्यपाल, मेरे साथी सलाहकारों व अन्य सभी लोगों को शुभकामनाएं। वह उपराज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद गुरुवार को दिल्ली चले जाएंगे।

राज्यपाल के सलाहकार  के रूप में लंबा अनुभव

1975 बैच के आइपीएस के विजय कुमार का नाम अक्टूबर 2004 में उस समय चर्चा में आया था जब उनके नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स ने दक्षिण भारत के कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पण को मार गिराया था। 67 वर्षीय के विजय कुमार को जून 2018 में जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन राज्यपाल एनएन वोहरा का सलाहकार बनाया गया था। अगस्त 2018 में वोहरा को राज्यपाल पद से हटाने के बाद उनके स्थान पर नियुक्त राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी विजय कुमार को अपने सलाहकार के रूप में रखा।