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मोदी सरकार का वेतन सुधार से पहले ही बैंक कर्मियों को एरियर के रूप में दीपावली का तोहफा

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चेन्नई, आइएएनएस। वेतन बढ़ोतरी पर कोई सहमति बनने से पहले ही सरकार ने सरकारी बैंकों के कर्मचारियों को एरियर देने का फैसला किया है। भारत के बैंकिंग इतिहास में यह पहला ऐसा मौका है, जब वेतन वृद्धि को लेकर कोई समझौता होने से पहले ही एरियर दिया जा रहा है। यह कर्मचारी नवंबर, 2017 से ही वेतन बढ़ाए जाने का इंतजार कर रहे हैं।

एरियर की न्यूनतम धनराशि 50,000 रुपये

सूत्रों के मुताबिक बैंक के कर्मचारी एरियर लेने या नहीं लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। अगर बैंक का कोई कमर्चारी एरियर लेना स्वीकार करता है तो उसके खाते में 50,000 रुपये से कम राशि नहीं आएगी। कई मामलों में यह राशि एक लाख रुपये से भी ज्यादा होगी। मूल वेतन में कम से कम 12 परसेंट इजाफे के हिसाब से ही एरियर का निर्धारण किया जाएगा। क्योंकि जब वेतन सुधार को लेकर बातचीत शुरू हुई थी, तब बैंक प्रबंधन ने 12 परसेंट इजाफे का प्रस्ताव रखा था।

युनाइटेड फोरम फॉर बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) और इंडियन बैंक एसोसिएशन (आइबीए) के बीच 2017 से अब तक 30 दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक वेतन को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी है। वेतन समझौते को लेकर वार्ता सुस्त होने के बावजूद एरियर देने के फैसले में काफी तत्परता दिखाई गई है।