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मारे गए आतंकियों की गिनती कर गणित सीख रहे फलस्तीन के बच्चे, ब्रिटेन में हंगामा

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लंदन। आतंक प्रभावित देशों में मानवीय सहायता के लिए दी जा रही भारी-भरकम रकम का कितना गलत इस्तेमाल हो रहा है इसका ताजा उदाहरण फलस्तीन और गाजा पट्टी में सामने आया है। बच्चों की शिक्षा के लिए दिए गए पैसों से उन्हें आतंकवाद और जिहाद के लिए तैयार किया जा रहा है। इसका खुलासा होने के बाद से इस मदद पर रोक लगाने की मांग जोर पकड़ रही है।

पता चला है कि बच्चों को गणित सिखाने के लिए मारे गए आतंकियों की गिनती कराई जा रही है। इसमें आतंकियों जनाजे की तस्वीरें भी छापी गई हैं। फिजिक्स की किताब में न्यूटन का तीसरा नियम बताने के लिए विधर्मियों (ईसाइयों और हिंदुओं) यानी इस्लाम को न मानने वालों को गुलेल मारने की मिसाल दी गई है। इससे पता चलता है कि फलस्तीन, गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक में बच्चों के दिमाग में किस कदर दूसरे धर्म के मानने वालों के खिलाफ जहर भरा जा रहा है।

ब्रिटेन की वेबसाइट डेली मेल ऑनलाइन में छपी खबर में बताया गया है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा फलस्तीन और गाजा पट्टी को दी जा रही मदद में ब्रिटेन के करदाताओं का भी पैसा लगा है। इसके मद्देनजर इस तरह की मदद पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके लिए उन देशों का उदाहरण भी दिया जा रहा है जिन्होंने फलस्तीन को मानवीय सहायता देने से इन्कार कर दिया है।

फलस्तीन, गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक में आठ साल के बच्चों के लिए एक कविता में ऐसी बातें लिखी गई हैं जो उसके अपरिवक्व मन पर बुरा असर डालेगी। इस कविता में ` अपने खून का बलिदान देना`, `अपने देश पर कब्जा करने वालों को खत्म करना` और `विदेशियों का अस्तित्व मिटा देना` जैसे मुहावरों का इस्तेमाल किया गया है।