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मारुति सुजुकी AGS: ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन से अब ड्राइविंग और भी आसान

मारुति सुजुकी भारतीय वाहन बाजार की हमेशा से सबसे आगे रही है। यह बात ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन वाली कारों के विषय में भी सही साबित हुई है, क्योकि मारुति सुजुकी ही वह पहली कंपनी थी जिन्होंने एंट्री लेवल कार में यह विकल्प उपलब्ध कराया था।मारुति सुजुकी की कारें वर्तमान में वाहन लाइनअप में तीन विभिन्न ट्रांसमिशन विकल्प ऑटोमेटिक (AT), कंटीन्यूअस वैरिएबल ट्रांसमिशन (CVT) व ऑटोमेटेड मैन्युअल ट्रांसमिशन (AMT) जिसे ऑटो गियर शिफ्ट (AGS) नाम दिया गया है, में उपलब्ध करा रही है।AGS बिल्कुल AMT ट्रांसमिशन की तरह है जो इलेक्ट्रो हाइड्रॉलिक सिस्टम का उपयोग करता है तथा इसे पॉवर मैन्युअल ट्रांसमिशन में लगे एकट्युटर से मिलता है। यह सिस्टम क्लच के कार्य को नियंत्रित करता है तथा गियर ऑटोमेटिक रूप से शिफ्ट होता है यानि ड्राइवर अब और आसानी से वाहन चला सकते है।AMT से AGS के अलग होने का कारण यह है कि मारुति सुजुकी ने ट्रांसमिशन कंट्रोल यूनिट भी जोड़ दिया है जो कि एक्सिलरेटर पैडल के पोजीशन व वाहन के स्पीड के आधार पर हाइड्रॉलिक सिस्टम के कार्यों को नियंत्रित करता है।मारुति सुजुकी का ऑटो गियर शिफ्ट ड्राइवर को एक सुखद अनुभव देता है। दो पैडल सेटअप के कारण ड्राइविंग को आसान बनाने के साथ ही AGS कारों को माइलेज को मैन्युअल गियरबॉक्स वाले कारों के जितना रखने में मदद करता है। यह भारत में बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योकि नई कार खरीदते समय माइलेज ग्राहक के लिए एक बहुत बड़ा पॉइंट होता है।
कुल मिलाकर मारुति सुजुकी की AGS गियरबॉक्स मैन्युअल गियरबॉक्स के बराबर माइलेज देती है तथा क्लच व गियर शिफ्ट करने की जरुरत भी नहीं पड़ती है। AGS तकनीक वाली आटोमेटिक कार चलाने व मेन्टेन करने में बहुत आसान है तथा मैन्युअल वैरिएंट के मुकाबले अधिक महँगी भी नहीं है और यही कारण है कि देश में अधिकतर लोग मारुति सुजुकी की ऑटोमेटिक कार खरीद रहे है। अधिक जाने के लिए यहां देखें।