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भाजपा ने उठाए सवाल कहा- लोगों की परेशानी का सरकार को ख्‍याल नहीं

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नई दिल्ली, जेएनएन। ODD-Even Return: भाजपा ने दिल्ली में वाहनों के लिए ऑड-इवेन (विषम-सम) फाॅर्मूला लागू करने का विरोध किया है। उसका कहना है कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने साढ़े चार वर्ष तक प्रदूषण की समस्या हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब वह दिल्लीवासियों को परेशान करने के लिए फिर से ऑड-इवेन लागू करने जा रहे हैं। सड़कों से वाहनों की भीड़ कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन प्रणाली ठीक करनी होगी। इस पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है।

केंद्र सरकार के प्रयासों से दिल्ली में प्रदूषण का स्तर पहले से कुछ कम हुआ है। दिल्ली सरकार को भी नाटक करने के बजाय इस समस्या को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी का कहना है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने वर्ष 2014 में ही प्रदूषण के खिलाफ जंग शुरू कर दी थी। इससे दिल्ली में प्रदूषण लगातार कम हो रहा है, लेकिन इसका श्रेय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लेने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राजधानी में वर्ष 2016 में भी दो बार ऑड-इवेन योजना लागू की गई थी, लेकिन उससे प्रदूषण में किसी तरह की कमी नहीं आई थी। अब फिर से लोगों को परेशान करने के लिए इसे लागू किया जा रहा है। दिल्ली में 20 हजार बसों की जरूरत है, जबकि सिर्फ तीन हजार बसें चल रही हैं। वाहनों से निकलने वाले धुएं की जांच करने में भी यह सरकार विफल रही है। केंद्र सरकार प्रदूषण की समस्या दूर करने के लिए कई कदम उठा रही है। ईस्टर्न व वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे और मेरठ एक्सप्रेस वे (प्रथम चरण) बनने से दूसरे राज्यों से दिल्ली में आने वाले 60 हजार वाहनों की कमी हुई है। बदरपुर थर्मल पावर प्लांट बंद करने के साथ अन्य कदम उठाए गए हैं।

राज्यसभा सदस्य विजय गोयल ने कहा कि ऑड-इवेन का फैसला जनता को परेशान करने वाला है, इसलिए इसका विरोध किया जाएगा। चुनाव में जब चार माह शेष रह गए हैं, तो मुख्यमंत्री को प्रदूषण की याद आई है। साढ़े चार साल तक सोते रहे और आज मुख्यमंत्री मास्क बांटने और ऑड-इवेन लागू करने की बात कर रहे हैं। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार के निर्णय के पीछे न कोई वैज्ञानिक अध्ययन है और न ही कोई व्यापक सर्वे। सरकार प्रदूषण कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट और ईपीसीए (पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण) के दिशा निर्देश को नजरअंदाज कर रही है।