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बिहार: मांझी की इफ्तार दावत में शामिल होंगे नीतीश, ‘सियासी खिचड़ी’ तो नहीं पक रही?

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी रविवार को जेडीयू की इफ्तार पार्टी में अचानक पहुंच गए. पटना के हज भवन में आयोजित इफ्तार पार्टी में जैसे ही मांझी पहुंचे सीएम नीतीश कुमार ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और उनका स्वागत किया. लंबे अरसेे बाद दोनों नेताओं की इस अंदाज में हुई मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं.

सबसे खास ये है कि सोमवार की शाम में मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा यानि ‘हम’ की भी इफ्तार पार्टी है. इसमें सीएम नीतीश कुमार भी हिस्सा लेंगे. वह मांझी के आवास 12 एम स्‍टैंड रोड पर आयोजित इफ्तार में शाम 7 बजे पहुंचेंगे.

हालांकि, इस बाबत जब जीतन राम मांझी से मीडिया ने सवाल पूछा तो उन्होंने सफाई दी कि हमारे बीच कोई खिचड़ी नहीं पक रही है. हमें जेडीयू ने इफ्तार में शामिल होने का आमंत्रण दिया था, इसलिए हम आए हैं. हम की इफ्तार पार्टी में हमने भी सीएम नीतीश को आमंत्रण दिया है.

तेजी से बदल रहा बिहार का राजनीतिक घटनाक्रम

बता दें कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद विवाद को लेकर बिहार का राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है. न सिर्फ सिलसिलेवार तरीके से बयान आ रहे हैं, बल्कि मुलाकातों का सिलसिला भी शुरू हो गया है. इस क्रम में दो दिनों के भीतर मांझी और नीतीश की दो बार मुलाकात को लेकर अटकलों को हवा मिल रही है.

गौरतलब है कि बिहार की सियासत में दलबदल और पलटबाजी का खेल बीते दो दशकों में कुछ अधिक ही दिख रहा है. 2013 में जेडीयू ने बीजेपी को छोड़ा, तो मांझी को सीएम बना दिया. हालांकि मांझी को जब नीतीश कुमार ने अपनी कुर्सी सौंपी तो कुछ ही दिन बाद मांझी ने नीतीश से बगावत करते हुए पलटी मार दी थी. इसके बाद नीतीश ने मांझी को हटाकर खुद सीएम की कुर्सी संभाली और अपने धुर विरोधी लालू प्रसाद यादव से जा मिले. इसी तरह 2017 में उन्होंने एक बार फिर आरजेडी छोड़ एनडीए का हिस्सा बनना उचित समझा. अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जेडीयू के शामिल नहीं होने को लेकर एक बार फिर राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं.