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फाइजर वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा बयान, बोले- भारत को नहीं है इसकी जरूरत

नई दिल्ली। कोरोना वायरस को खत्म करने में कारगर मानी जाने वाली अमेरिकी कंपनी फाइजर की वैक्सीन को लेकर भारतीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि भारत को फाइजर वैक्सीन की शायद आवश्यकता नहीं है क्योंकि देश में पहले ही पांच वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है जिनके अब तक काफी सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर्षवर्धन ने कहा है कि फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन पर विचार करने का कोई मतलब नहीं है जबकि अमेरिकी नियामक प्राधिकरण ने खुद इसे लेकर अपनी मंजूरी नहीं दी है। बता दें कि फाइजर कंपनी का दावा है कि यह वैक्सीन कोरोना वायरस से बचाव में 95 फीसद तक कारगर है।

भारत में तीन वैक्सीन 2/3 फेज के ट्रायल में

सूत्रों के मुताबिक डॉ. हर्षवर्धन ने देश में चल रहे वैक्सीन ट्रायल का हवाला देते हुए कहा है कि वर्तमान में पांच दवाओं के ट्रायल चल रहे हैं। इनमें से तीन दूसर/तीसरे चरण में है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च मिलकर ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल करने जा रही है। वहीं, भारत बायोटेक-आइसीएमआर के कोवैक्सीन का भी तीसरे चरण का ट्रायल शुरू हो चुका है और दूसरे चरण के परिणाम भी जल्द ही आ जाएंगे। कैडिला हेल्थ की वैक्सीन ZyCovD दूसरे चरण का ट्रायल पूरा कर चुकी है और इसके परिणाम के इंतेजार में है। इन तीन वैक्सीन के अलावा रूसी स्पुतनिक वी वैक्सीन का 2/3 चरण का ट्रायल जल्द ही शुरू हो जाएगा, जिसके लिए देश की डॉ. रेड्डी लैब ने रूसी डेवलपर्स के साथ टाइ-अप किया है। वहीं, हैदराबाद के बायोलॉजिकल ई की वैक्सीन का 1/2 ट्रायल भी जल्द शुरू हो जाएगा।

गौरतलब है कि भारत में अभी तक कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 91 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अभी तक 91 लाख 77 हजार 841 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से एक लाख तीन हजार 218 की मौत हो चुकी है।