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पाकिस्‍तानी महिलाओं को जाल में फंसाने के लिए क्‍या हथकंडे अपना रहे चीनी युवक

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान में पिछले कुछ दिनों से चीनी युवकों की वजह से शादी में धोखाधड़ी की शिकार महिलाओं क काफी चर्चा हो रही है। पिछले दिनों पाकिस्‍तान में एक दो नहीं बल्कि पूरी 150 ऐसी महिलाएं सामने आई हैं जो चीनी युवकों की ओर से शादी के नाम पर ठगी गई हैं। इन महिलाओं को चीन ले जाया गया और फिर यहां पर उन्‍हें वेश्‍यावृत्ति जैसे पेशे की तरफ भी धकेल दिया गया। इनमें से ही एक महिला राबिया कंवल ने अपनी कहानी बताई है। उन्‍होंने बताया है कि कैसे उन्‍हें एक अमीर चीनी मुसलमान युवक ने न सिर्फ एक आरामदायक भविष्‍य का वादा किया बल्कि उनसे यह भी कहा कि जो परेशानियां उन्‍हें पाकिस्‍तान में होती हैं, वह उनका साया भी उन पर नहीं पड़ने देंगे। लेकिन राबिया को मुश्किलें पहले ही समझ आ गईं।

22 वर्ष की कंवल ने अमेरिकी अखबार न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स को दिए इंटरव्‍यू में अपनी आप-बीती सुनाई है। उन्‍होंने बताया, ‘मैं पंजाब में आने वाले गुंजरावाला में रहती थी और मैंने बचपन से ही गरीबी देखी थी। जब शादी का ऑफर आया तो मैं बिल्‍कुल भी खुश नहीं थी। मुझे लग रहा था कि कुछ बुरा होने वाला है।’ पाकिस्‍तान में अरेंज्‍ड मैरिज काफी सामान्‍य बात है, मगर इस शादी में कुछ असाधारध होने वाला था। राबिया ने बताया कि दुल्‍हे ने बताया था कि वह एक अमीर पोल्‍ट्री की खेती करने वाले किसान के बेटे हैं। एक माह के टूरिस्‍ट वीजा पर जब वह पाकिस्‍तान आया तो उसने कंवल के माता-पिता से मुलाकात की। उसके पास एक चीनी-उर्दू ट्रांसलेशन एप थी जिसकी मदद से वह राबिया के माता-पिता और उनसे बातचीत कर पाता था। धीरे-धीरे इस व्‍यक्ति ने राबिया के माता-पिता पर अच्‍छा प्रभाव बना लिया था। कंवल की शादी उस इंसान हो गई और वह चीन चल गईं। फरवरी में चीन पहुंचने के बाद उन्‍हें जो कुछ देखने को मिला, उससे वह काफी निराश हो गईं। जिससे शादी हुई थी वह अमीर नहीं बल्कि एक गरीब किसान था और सबसे बड़ी बात कि वह मुसलमान नहीं था। पाकिस्‍तानी दूतावास की मदद से कंवल अपने देश वापस आ गईं और यहां पर उन्‍होंने तलाक की प्रक्रिया आरंभ कर दी।

दलालों को मिलता भारी कमीशन

कंवल ने कहा, ‘उनके माता-पिता ने उनसे कहा कि उनके पड़ोस में रहने वाली लड़कियां चीन में खुश है और मैं भी खुश रहूंगी।’ इसके बाद इस्‍लामाबाद में ब्रोकर के ऑफिस में पति से उनकी मुलाकात हुई। ऑफिस में चीनी युवक और पाकिस्‍तानी महिलाएं थीं। कंवल के मुताबिक उनके पति ने उन्‍हें बताया था कि वह मुसलमान है और उसने कुरान की कुछ आयतें भी सुनाईं। जब वह दोनों इस्‍लामाबाद के मशहूर फैसल मस्जिद गए तो वहां पर कंवल ने उन्‍हें कभी प्रार्थना करते नहीं देखा। पाकिस्‍तान के जांचकर्ताओं का कहना है कि चीनी पुरुषों ने शादी के लिए दलालों को कमीशन दिया। स्‍थानीय महिलाओं से शादी के लिए ये पुरुष पाकिस्‍तान आते और फिर यहां पर तब तक किराए के घर में रहते जब तक कि उनकी शादी नहीं हो जाती। ये पुरुष शादी का सारा खर्चा उठाते और कुछ केसेज में तो लड़कियों के घर वालों को हजारों डॉलर्स तक की रकम भी दी गई। वहीं, कुछ पुरुष चीनी अल्‍पसंख्‍यक महिलाओं से शादी के लिए आते।