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पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में हिंदू डॉक्टर गिरफ्तार, भीड़ ने लगाई दुकानों को आग

पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत में ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू पशु चिकित्सक को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया. एक मौलवी ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. मौलवी की शिकायत के बाद डॉक्टर रमेश कुमार को हिरासत में ले लिया गया. प्रांत के मीरपुरखास में फुलाडयन नगर में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने हिंदुओं की दुकानों में आग लगा दी और टायरों को जलाकर सड़कों पर जाम लगा दिया.स्थानीय मस्जिद के मौलवी इसहाक नोहरी ने पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि डॉक्टर ने पवित्र पुस्तक के पन्ने फाड़कर उसमें उन्हें दवा लपेटकर दी थी. स्थानीय थाने के प्रभारी जाहिद हुसैन लेगहारी ने बताया कि डॉक्टर के खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया गया.

बता दें कि कराची और सिंध प्रांत में बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं और पाकिस्तान हिंदू परिषद ने पूर्व में शिकायत की थी कि निजी रंजिश में ईशनिंदा कानून के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाया जाता है.19वीं सदी के ब्रिटिश साम्राज्य के नियमों पर आधारित इस कानून को 1980 में जिया उल हक के राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से पेश किया गया. इस कानून के तहत इस्लाम या पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ बोले वाले व्यक्ति को मौत की सज़ा का प्रावधान है. सज़ा-ए-मौत न मिलने पर उसे उम्र कैद की सज़ा दी जाती है, साथ ही उसे जुर्माना देना पड़ता है.

वैसे तो ईशनिंदा के मामले में अभी तक किसी को फांसी नहीं दी गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 2009 में ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने सात ईसाइयों की जलाकर हत्या कर दी थी. 2010 में भी फैसलाबाद में दो ईसाई भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.