EBM News Hindi

पाकिस्तानी रॉकेटों से दहला जम्मू का शमा चाक; गांववालों ने पहली बार देखा मिसाइल हमला

जम्मू: जब पाकिस्तान से दागे गए रॉकेट भारत में खेतों और घरों की छत पर आकर गिरे तो रवींद्र सिंह को भरोसा नहीं हुआ कि यह उनके गांव में हो रहा है. जम्मू से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित शमा चाक के शांति प्रिय लोगों ने अब तक घातक मोर्टार गोलों और मिसाइलों से हमला नहीं देखा था.

पाकिस्तानी जवानों ने रविवार (3 जून) को गांव पर मोर्टार गोलों से हमला किया जिसमें बीएसएफ के एक जवान सहित चार लोग घायल हो गये. इन हमलों की आवाज इतनी ज्यादा थी कि इन्हें जम्मू में भी सुना गया. इस हमले ने गांववालों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता में डाल दिया.

सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के 52 साल में कभी इस तरह की हिंसा नहीं देखी. उन्होंने कहा, ‘‘हम भाग्यशाली हैं कि ज्यादातर गोले खुले में फटे.’’ हालांकि इस हमले में सिंह के भाई राजिंदर को चोटें आई हैं. सिंह ने कहा कि राम बीएसएफ जवान है और वह दो दिन पहले छुट्टी पर गांव आया था. इस हमले में घायल विक्रम सिंह (35) ने कहा कि पाकिस्तानी जवानों ने सुबह करीब साढे आठ बजे हमला किया.

पाकिस्तान कहता कुछ और है, करता कुछ और है: बीएसएफ
जम्मू: सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) के जम्मू फ्रंटियर महानिरीक्षक राम अवतार ने कहा है कि पाकिस्तानी बलों की ओर से भारत की अग्रिम चौकियों पर ताजा हमला एक बार फिर साबित करता है कि इस्लामाबाद कहता कुछ और है तथा करता कुछ और है. वहीं, जम्मू कश्मीर के बिजली मंत्री सुनील शर्मा ने पाकिस्तान के 3 जून के हमले को लेकर गुस्सा जताया और कहा कि पाकिस्तान को उसके कुकृत्यों के लिए सबक सिखाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान या तो अपनी हरकतों से बाज आए या फिर धरती के नक्शे से मिटने के लिए तैयार रहे.

यह पूछे जाने पर कि दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों के 2003 के संघर्षविराम का अक्षरश: पालन करने पर सहमत होने के बाद भी संघर्षविराम उल्लंघन के मद्देनजर क्या पाकिस्तान पर विश्वास किया जा सकता है, राम अवतार ने कहा, ‘‘हमने जहां फैसले को कड़ाई से क्रियान्वित किया है, वहीं पाकिस्तान का कृत्य आपके सामने है.’’ पाकिस्तान द्वारा 3 जून को किए गए संघर्षविराम उल्लंघन में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए.

राम अवतार ने इस संभावना को भी खारिज किया कि यहां अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दो सैनिकों की शहादत थर्मल छलावरण पहने दुश्मनों के हमले में हुई. उन्होंने कहा कि बीएसएफ के दोनों जवान सीमा पार से हुई गोलीबारी में शहीद हुए. अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी में शहीद हुए सहायक उपनिरीक्षक सत्यनारायण यादव और कांस्टेबल विजय कुमार पांडेय – दोनों उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे. उन्होंने बताया कि जम्मू जिले के अखनूर , कानाचक और खोउर सेक्टरों में पाकिस्तानी रेंजरों द्वारा 3 जून को की गई अकारण और अंधाधुंध गोलीबारी में 13 आम लोग भी घायल हुए.