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नीतीश ने बीजेपी को दिया उसी अंदाज़ में जवाब- पाँच बड़ी ख़बरें

नरेंद्र मोदी कैबिनेट में जेडीयू के कोटे से एक मंत्री बनाने के प्रस्ताव को नीतीश कुमार ने ठुकराते हुए मंत्रिमंडल में शामिल होने से इनकार कर दिया था.

मोदी के शपथ ग्रहण के ठीक तीन दिन बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बीजेपी को इसी अंदाज़ में जवाब दिया है. रविवार को नीतीश कुमार ने बिहार के मंत्रिमंडल का विस्तार किया जिसमें जेडीयू के आठ लोगों को मंत्री बनाया गया लेकिन सहयोगी पार्टी बीजेपी को महज एक मंत्री पद का प्रस्ताव दिया. हालांकि नीतीश कुमार बिहार में बीजेपी के साथ किसी भी तरह की कलह से इनकार कर रहे हैं.

नीतीश कुमार ने कहा है कि जेडीयू और बीजेपी के बीच सब कुछ बढ़िया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को एक मंत्री का पद दिया गया था लेकिन उन्होंने किसी भी विधायक का नाम आगे नहीं बढ़ाया.

नीतीश कुमार ने कहा, ”राज्य की कैबिनेट में जेडीयू के कोटे से आठ मंत्री बनने थे जबकि सहयोगी पार्टियों के लिए बहुत कम जगह थी. बीजेपी के साथ हमारा कोई विवाद नहीं है.”

पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट किया, ”नीतीश कुमार ने बीजेपी के कोटे से जो मंत्री का प्रस्ताव दिया है उसे हमलोगों ने भविष्य में भरने का फ़ैसला किया है.”नीतीश कुमार ने मोदी कैबिनेट में शामिल होने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि उसे सांकेतिक हिस्सेदारी स्वीकार नहीं है. बिहार की कैबिनेट में जेडीयू के कोटे से आठ मंत्री बनने के बाद कुल मंत्रियों की संख्या 33 हो गई है.

बिहार में कुल विधायकों और संवैधानिक प्रावधानों के हिसाब से 36 मंत्री बन सकते हैं.

मोदी मंत्रिमंडल में कुल 58 मंत्रियों ने शपथ ली है और इसमें से 32 सवर्ण मंत्री हैं जबकि नीतीश कुमार ने बिहार में अपने कोटे में मंत्री पदों पर ज़्यादातर पिछड़ी जाति, अति पिछड़ी जाति और दलितों को तवज्जो दी है. बिहार में विपक्षी पार्टियों ने कहना शुरू कर दिया है कि बीजेपी और एनडीए में सब कुछ ठीक ठाक नहीं है.