EBM News Hindi

नए साल से भारतीय जलक्षेत्र में जहाजों पर प्रतिबंध‍ित होगा सिंगल यूज प्‍लास्टिक, DGS का फैसला

नई दिल्ली, पीटीआइ। SHIPS PLASTIC BAN प्‍लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए देश के विभिन्‍न सरकारी महकमों ने पहलकदमी शुरू कर दी है। इन्‍हीं कवायदों के बीच देश के नौवहन महानिदेशालय (Directorate General of Shipping) ने फैसला किया है कि पहली जनवरी से भारतीय जहाजों में सिंगल यूज प्‍लास्टिक (single use plastics) और उसके उत्‍पाद प्रतिबंधित होंगे। फैसले के मुताबिक, भारतीय जहाज सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्‍पाद जैसे आइसक्रीम कंटेनर, हॉट डिश कप, माइक्रोवेव डिशेज और चिप्स के थैले आदि का इस्‍तेमाल नहीं करेंगे।

महानिदेशालय ने अपने बयान में कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादों का इस्तेमाल पर प्रतिबंध का आदेश भारतीय जहाजों के साथ साथ भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद विदेशी जहाजों पर भी लागू होगा। महानिदेशालय ने यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान पर अमल करते हुए लिया है। बयान के मुताबिक, आदेश की अवमानना करने पर गिरफ्तारी भी हो सकती है।

महासागरों में बढ़ते प्‍लास्टिक प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए महानिदेशालय ने संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे भारतीय जहाजों में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्‍तेमाल पर रोक के आदेश के अनुपालन को सुनिश्चित करें। सिंगल यूज प्लास्टिक के जिन उत्पादों को प्रति‍बंधित किया गया है, उनमें पॉलीथीन की थैलियां, ट्रे, कंटेनर, खाद्य पदार्थ पैक करने वाली पन्नियां, दूध की बोतलें, फ्रीजर बैग, शैंपू की बोतलें, पानी एवं अन्य पेय पदार्थों की बोतलें, साफ-सफाई के सामानों वाले कंटेनर और बिस्किट की ट्रे आदि शामिल हैं।

आदेश के मुताबिक, विदेशी जहाजों को भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करने से पहले यह बताना होगा कि उनके पास सिंगल यूज प्‍लास्टिक तो नहीं है। आदेश में अंतरराष्‍ट्रीय रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सिंगल यूज प्‍लास्टिक से जमीन, नदी और तालाबों को अपूर्णीय क्षति होती है। इंटरनेशनल मेरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (आईएमओ) की रिपोर्ट के मुताबिक, सागरों और महासागरों में प्‍लास्टिक प्रदूषण यदि इसी गति से आगे बढ़ता रहा तो सन 2050 तक महासागरों में प्लास्टिक की मात्रा मछलियों से ज्‍यादा होगी।