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नए युग का हुआ सूत्रपात; जम्मू और लद्दाख में जश्न, कश्मीर ने शांत रहकर लगाई बदलाव पर मुहर

जम्मू। जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित राज्यों के गठन के साथ ही लोगों की उम्मीदों का नया द्वार खुल गया है। सात दशक के लंबे इंतजार के बाद कश्मीरी सत्ता से आजादी का सपना साकार होते ही वीरवार को लद्दाख खुशी से झूम उठा। लेह के मुख्य बाजार में पांच घंटे तक नाच-गाने के बीच केंद्र शासित प्रदेश बनने की खुशियां मनाई गई। वहीं जम्मू में भी सुबह से नजारा अलग से था। कहीं आतिशबाजी चलाई गई और कहीं दीये जलाए गए। तिरंगे के साथ युवा सड़कों पर निकले और नाच गाकर जश्न मनाया। साथ ही एक राष्ट्र के सपने के सूत्रधार सरदार पटेल को उनके जन्मदिन पर याद किया गया। वहीं कश्मीर ने शांत रहकर इस बदलाव पर मुहर लगा दी।

लेह में बसने वाले बौद्ध, शिया, सुन्नी मुस्लिमों के साथ क्रिश्चियन समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी इस जश्न में बराबर हिस्सा लिया। लद्दाख के सांसद जामियांग से¨रग नांग्याल के साथ लेह हिल काउंसिल के चीफ एग्जीक्यूटिव काउंसिलर, काउंसिलरों के साथ कारिगल हिल काउंसिल के कई काउंसिलर व भाजपा की कारगिल जिला इकाई के नेता भी इस समारोह में शामिल हुए। नांग्याल ने कहा कि लद्दाख के अच्छे दिनों की शुरुआत हो गई है। आगे देखिए क्या-क्या होता है। लद्दाख के लोग सात दशक से बेसब्री के साथ इस दिन का इंतजार कर रहे थे। उनका कहना था कि मोदी सरकार ने लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया है।

जमकर मनाई गई खुशी

लेह में उप राज्यपाल का शपथ ग्रहण कार्यक्रम खत्म होने के बाद लेहवासी मुख्य बाजार में एकत्र हुए और सुबह नौ बजे के करीब यूटी की खुशी मनाने का सिलसिला शुरू हो गया। पारंपरिक वेशभूषा में लेह के निवासियों का नाच, गाना दोपहर दो बजे तक जारी रहा। शुक्रवार को भी लद्दाख के यूटी बनने की खुशियां मनाने का सिलसिला जारी रहेगा।

जम्मू में भाजपा ने जगह-जगह पर रैलियां निकाली और कई संगठनों ने जश्न मनाया। युवाओं ने खासतौर पर खासा उत्साह देखा गया। उन्होंने कहा कि भेदभाव के युग का अब अंत हो गया है और जम्मू को उसका हक मिलेगा। लोग भार होते ही सड़कों पर उतर आए और ढोल की थाप और परंपरागत वाद्ययंत्रों पर थिरकते देखे गए। इस दौरान पटाखे चलाए गए। जम्मू संभाग के कठुआ में भी ऐसा ही नजारा दिखा।

इस अवसर पर एक युवा आकाश ने कहा कि हालांकि जम्मू अलग राज्य की मांग कर रहा था लेकिन वह फिलहाल केंद्रशासित दर्जे से ही खुश हैं। अब भेदभाव के युग का अंत हो जाएगा। उम्मीद करते हैं अब खुशहाली और विकास के नए द्वार खुलेंगे और लोगों को उनके अधिकार मिलेंगे।