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तेजस्‍वी का बढ़ा कद, ओवैसी की बिहार की सियासत में एंट्री

पटना । बिहार में एक लोकसभा (Lok Sabha) एवं पांच विधानसभा (Assembly) सीटों के उपचुनाव (By Election) की मतगणना (Counting) गुरुवार को पूरी हो गई। इस उपचुनाव में सत्‍ताधारी राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दल जनता दल यूनाइटेड (JDU) को बड़ा धक्‍का लगा है। साथ ही, महागठबंधन (Grand Alliance) के नेता के रूप में तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) का कद बढ़ा है तो बिहार की सियासत में असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की एंट्री हुई है। उपचुनाव के नतीजे 2020 के विधानसभा चुनाव की दशा व दिशा भी तय करेंगे, यह तय है।

झंझावतों मे जमे रहे आरजेडी के पैर

उपचुनाव में तार-तार दिखी विपक्षी एकता के बीच राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के पैर जमे रहे। महागठबंधन के घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोकते नजर आए। नाथनगर विधानसभा सीट (Nath Nagar Assembly Seat) पर पार्टी हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (HAM) और सिमरी बख्तियारपुर सीट (Semri Bakhtiarpur Assembly Seat) पर विकासशील इंसान पार्टी (VIP) ने आरजेडी के खिलाफ अपने प्रत्‍याशी खड़े कर दिए। हालांकि, दोनों सीटों पर क्रमश: ‘हम’ व वीआइपी’ की हार हुई। इनमें एक सीट (सिमरी बख्तियारपुर) पर आरजेडी ने जीत दर्ज कर महागठबंधन में ‘बड़े भाई’ वाली हैसियत के अपने दावे को आधार दिया।

गत लोकसभा चुनाव में महागठबंधन की हार के बाद से आरजेडी नेता तेजस्‍वी यादव के नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए जाते रहे थे। ‘हम’ सुप्रीमाे जीतनराम मांझी ने तो उनके नेतृत्‍व व अनुभव पर अनुभव पर सीधा सवाल खड़ा किया। कांग्रेस ने भी उन्‍हें अगले विधानसभा चुनाव में विपक्ष का नेता तथा मुख्‍यमंत्री चेहरा मानने से इनकार कर दिया। गत लोकसभा चुनाव में हार के बाद खुद तेजस्‍वी भी मुख्‍यधारा की राजनीति से लंबे समय तक कटे रहे, जिस कारण उनके विपक्ष के नेता होने पर सवाल खड़े किए जाते रहे थे।