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जानें डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए कैसे लें सेब का सिरका

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वजन कम करने के लिए सेब का सिरका पीने के फायदे तो बहुत लोगों ने बताए होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सेहत के लिए सेब का सिरका और भी कई तरह से फायदेमंद है. जी हां, सेहतमंद आहार की लिस्ट में सेब के सिरके का अपना अगल स्थान है. सेब का सिरका और शहद भी कई स्वास्थ्य लाभ देता है. आयुर्वेदिक उपचार सेब का सिरका कई तरह की सेहत से जुड़ी समस्याओं से निदान दिलाने के लिए जाना जाता है. कब्ज में भी सेब का सिरका काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. इतना ही नहीं घरेलू नुस्खों के अपनाने वाले लोग अक्सर सेब का सिरका लिवर के लिए भी मददगार मानते हैं. हाल के वर्षों में, शोधकर्ताओं ने एप्पल साइडर सिरका और इसके संभावित लाभों पर करीब से नज़र रखी है. इस प्रकृति के अमृत में 1% कार्बोहाइड्रेट और शून्य वसा के अलावा 94 फीसदी पानी है. सेब साइडर सिरका में प्रमुख घटक अन्य सिरका की तरह एसिटिक एसिड भी है. इसमें लैक्टिक, साइट्रिक और मैलिक एसिड और बैक्टीरिया जैसे अन्य पदार्थ भी शामिल हैं. एसिटिक एसिड और मैलिक एसिड दोनों होने के चलते इसे विशिष्ट खट्टा स्वाद मिलता है. सेब का सिरका दो तरह का होता है – घर का बना सेब साइडर सिरका और बाजार में मौजूद व्यवसायी कंपनियों द्वारा बनाया जाने वाला सेब साइडर सिरका.

घर पर बनाया गया सेब का सिरका | Homemade Apple Cider Vinegar

सेब के सभी घटकों का इस्तेमाल कर घर पर तैयार किए जाने वाले सेब साइडर सिरका को किण्वन कर तैयार किया जा सकता है. सेब को छोटे क्यूब्स में काटने से, उनका सतह क्षेत्र यानी सरफेस एरिया बढ़ जाता है, जो किण्वन यानी फर्मेंटेशन (fermentation) की प्रक्रिया में मदद करता है. किण्वन के लिए सेब के टुकड़े पानी और चीनी या शहद के मिश्रण में डूबोए जाते हैं. एक बार बिट्स सबमर्गड होने के बाद इसे दो सप्ताह तक कवर कर रख दें. यह करीब 4 सप्ताह तक तैयार होता है.

सेब साइडर सिरका के स्वास्थ्य लाभ | Health Benefits Of Apple Cider Vinegar

सेब का सिरका आपके स्वास्थ्य को कई तरह से बढ़ावा दे सकता है. इसमें सिर्फ प्रति चम्मच लगभग 3 कैलोरी होती है, जो बहुत कम है. इसमें कई विटामिन या खनिज नहीं होते हैं, लेकिन इसमें पोटेशियम की थोड़ी मात्रा होती है. एक अच्छी गुणवत्ता वाले सेब के सिरके में कुछ अमीनो एसिड और एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं. एप्पल साइडर सिरका बैक्टीरिया सहित रोगजनकों को मारने में मदद कर सकता है. यह परंपरागत रूप से सफाई और कीटाणुशोधन, नाखून फंगस, जूँ, मस्सा और कान के संक्रमण का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता रहा है. कहते हैं कि दो हजार साल पहले घाव की सफाई के लिए सिरके का भी इस्तेमाल किया जाता था.