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क्‍या 44 साल का खिताबी सूखा खत्‍म कर पाएगी न्‍यूजीलैंड?

न्यूजीलैंड को विश्व कप की छुपा रुस्तम टीम माना जाता है. वह पांच बार सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रही है तो वहीं पिछले विश्व कप में उसने फाइनल में पहुंचकर अपनी ताकत दिखाई थी, लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया से मिली हार ने उसका चैंपियन बनने का सपना तोड़ दिया. इस बार भी कहानी अलग नहीं है और केन विलियमसन की टीम कुछ भी कर सकती है.

वैसे इस बार उसे इंग्लैंड की धरती पर खेलना है और उसके सामने चुनौती बीते प्रदर्शन को दोहराने की है. हालांकि किवी टीम का अगर इंग्लैंड में प्रदर्शन देखा जाए तो यह बड़ी चुनौती लगती है और उसे यहां हमेशा परेशानी हुई है. उसने आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी में यहां शिरकत की थी लेकिन जल्दी टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी. जबकि उसे इंग्‍लैंड के 2015 के दौरे में वनडे सीरीज में 2-3 से हारी मिली थी. बावूजद इसके वह पिछले 44 साल से चले आ रहे खिताबी सूखे को खत्‍म करना चाहेगी.

केन विलियमसन हैं टीम के कप्‍तान
किवी टीम कप्तान केन विलियमसन की कप्‍तानी में मैदान में है और उन्‍होंने पिछले समय में टीम को दमदार तरीके से लीड करते हुए दुनिया में अपना डंका बजवाया है. सच कहा जाए तो इस टीम की बल्‍लेबाजी और गेंदबाजी में खासा दम है और वह विरोधी के छक्‍के छुड़ा सकती है. टीम में रॉस टेलर और मार्टिन गप्टिल जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं जो बड़ी पारियां खेलने में उस्‍ताद हैं खासकर गप्टिल का जलवा निराला है. टीम के पास कोलिन मुनरो के रूप में एक और खतरनाक बल्लेबाज़ है तो टॉम लाथम ने बल्लेबाजी से हर किसी का दिल जीता है.
वहीं, कोलिन डी ग्रांडहोम, हेनरी निकोलस, जिमी नीशम आदि का ऑलराउंडर खेल मैच का पासा पलट सकता है. ज‍बकि गेंदबाजी की कमान अनुभवी टिम साउदी और ट्रेंट बोल्‍ट के हाथों में होगी. बोल्‍ट की स्विंग और तेजी इंग्लैंड में काम आएगी. वहीं, लॉकी फर्ग्‍यूसन अपनी तेजी से बोल्‍ट और साउदी का अच्‍छा साथ दे सकते हैं. स्पिन में किवी टीम के पास ईश सोढ़ी और मिचेल सैंटनर जैसे अच्छे नाम हैं. हालांकि किवी टीम की सबसे बड़ी परेशानी डेथ ओवर में गेंदबाजी है.