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कोलंबो पोर्ट के निजीकरण को लेकर गुस्साए कर्मचारी हड़ताल पर गए

कोलंबो। रणनीतिक दृष्टि से अहम कोलंबो बंदरगाह के ईस्टर्न कंटेनर टर्मिनल के निजीकरण को लेकर गुस्साए कर्मचारियों ने काम बंद दिया है। वे राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे से लिखित आश्वासन की मांग कर रहे थे कि वह भारत के हवाले कर इसका निजीकरण नहीं करेंगे। इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों ने पिछले महीने ही बेमियादी हड़ताल की धमकी दी थी। उनका कहना है कि श्रीलंका को डीप-सी पोर्ट (समुद्री बंदरगाह) विकसित करने से रोकने के लिए भारत दबाव डाल रहा है।

ट्रेड यूनियन के नेता प्रसन्ना कालूथरंगे ने कहा कि हमने पूरे बंदरगाह पर काम ठप कर दिया है। हम राष्ट्रपति से ठोस आश्वासन चाहते हैं कि यह भारत या किसी अन्य के हवाले नहीं किया जाएगा, न ही इसका निजीकरण होगा। जब तक राष्ट्रपति उनसे नहीं मिलते और उनकी मांग पूरी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी। श्रीलंका की पिछली सिरीसेना सरकार ने ईस्टर्न कंटेनर टर्मिनल को विकसित करने के लिए भारत और जापान के साथ त्रिपक्षीय सहयोग समझौता करने का फैसला किया था। हालांकि, औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर होना अभी बाकी है। इसी बीच, ट्रेड यूनियनों ने श्रीलंका सरकार पर दबाव डालना शुरू कर दिया है।