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कारगर सियासी हथियार है डिप्‍टी CM पद, दुष्यंत चौटाला होंगे हरियाणा के छठे उपमुख्‍यमंत्री

चंडीगढ़, । हरियाणा में राजनीतिक और सत्‍ता का संतुलन साधने के लिए उपमुख्‍यमंत्री का पद कारगर हथियार रहा है। हरियाणा में अब तक पांच डिप्टी सीएम रहे हैं। जननायक जनता पार्टी के संयोजक दुष्‍यंत चौटाला राज्‍य के छठे उपमुख्‍यमंत्री बनेंगे। राज्‍य में चांदराम पहले उपमुख्‍यमंत्री बने।

चांदराम, मंगलसेन, बनारसी दास, मा. हुकम और चंद्रमोहन रह चुके डिप्टी सीएम

डिप्‍टी सीएम कई बार राजनीतिक उलटफेर के कारण बनाए गए हैं। राज्य में अब तक चांदराम, डा. मंगलसेन, बनारसी दास गुप्ता, मा. हुकम सिंह और चंद्रमोहन बिश्नोई डिप्टी सीएम रह चुके हैं। जानिए अब तक के डिप्टी सीएम के बारे में। कब और कैसे डिप्टी सीएम बने और कैसे राजनीति में सक्रिय रहे।

1.  चांदराम: भगवत दयाल की सरकार गिराई, फिर बने डिप्टी सीएम

हरियाणा गठन के पांच माह बाद ही राज्य में पहला डिप्टी सीएम बन गया था। वह चांदराम थे, जिन्होंने पहले सरकार गिराई और फिर दूसरी सरकार में डिप्टी सीएम की कुर्सी पाई। 1966 में संयुक्त पंजाब से अलग हुए हरियाणा के हिस्से के विधायक ज्यादा कांग्रेस के थे, इसलिए कांग्रेसी नेता पंडित भगवत दयाल शर्मा को प्रदेश का पहला सीएम बना दिया।

उस समय देवीलाल, छोटूराम के भतीजे श्रीचंद और चांदराम भी कांग्रेस में थे। कैबिनेट मंत्री बनने का ख्वाब देख रहे चांदराम का नाम जब मंत्रिमंडल की सूची में नहीं आया तो वे नाराज हो गए। उसी वक्त चांदराम, मुख्यमंत्री शर्मा के पास गए और बोले ‘यूं तो राम-लक्ष्मण की जोड़ी टूट जाएगी।’ 12 दिन बाद जब स्पीकर के चुनाव का वक्त आया तो 17 कांग्रेसियों ने बगावत कर दी और कांग्रेस अपना स्पीकर नहीं चुन पाई। इस पर शर्मा को इस्तीफा देना पड़ा।

इसके बाद हरियाणा विशाल पार्टी के राव बीरेंद्र सिंह (केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत के पिता) ने कांग्रेस के 17 विधायकों के सहयोग से सरकार बनाई और चांदराम प्रदेश के पहले डिप्टी सीएम बने। बता दें कि चांदराम सबसे पहले 1952 में झज्जर से विधायक बने थे। 1967 और 1968 में लगातार विधायक चुने गए। राव बीरेंद्र सिंह की सरकार गिरने के बाद वह देवीलाल के लोकदल में शामिल हो गए।

2. चार दलों का जनता पार्टी में विलय, मंगल सेन बने उपमुख्यमंत्री

देश में इमरजेंसी के बाद कई पार्टियां कांग्रेस के खिलाफ एकजुट हुईं। भारतीय जनसंघ, भारतीय क्रांति दल, कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी और कांग्रेस-ओ को मिलाकर जनता पार्टी का गठन हुआ। चुनाव से पहले ही भारतीय क्रांति दल के नेता रहे चौधरी देवीलाल को सीएम कंडीडेट घोषित कर दिया गया था। प्रदेश की 90 सीटों में 75 सीटें जनता पार्टी के खाते में गई। डॉ मंगल सेन पांचवीं बार रोहतक से विधायक बने, वह जनसंघ के बड़े नेता भी थे। देवीलाल ने सीएम की शपथ ली तो मंगल सेन को डिप्टी सीएम बनाया गया। वह प्रदेश के दूसरे डिप्टी सीएम बने। इसके बाद 1979 में चौधरी भजन लाल ने सरकार गिराई और खुद सीएम बन गए। मंगल सेन उनके साथ नहीं गए।