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कहीं मशरुम के नाम पर ‘विष’ तो नहीं खा रहे हैं आप, मानसून में खरीदते वक्‍त बरतें ये सावधानी

आमतौर पर हम सभी जानते हैं कि मशरूम हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। मशरूम का इस्तेमाल आज कल कई सारे फूड वैरायटीज में फ्लेवर बढ़ाने के ल‍िए किया जाता है जैसे नूडल्स, बर्गर, सैंडविच और पिज्जा बनाने में है। वास्तव में मशरूम कई तरह के पौष्टिक तत्वों से भरा होता है और यह शरीर को पर्याप्त पोषण प्रदान करता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि सेहत से भरपूर ये मशरुम आपके ल‍िए हान‍िकारक भी हो सकते हैं।

जी हां, आपने सही पढ़ा। अगर मशरुम खरीदते वक्‍त आप सही और खराब मशरुम की पहचान नहीं कर पाते है तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। बाजार में मशरूम की विभिन्न प्रजातियां हैं जिन्हें खाने से आप बीमार पड़ सकते हैं। खासतौर पर मानसून के सीजन में तो आपको मशरुम खरीदते हुए बहुत ही बारीकी से जांच-पड़ताल करके ही इन्‍हें खरीदना चाहिए और खाना चाह‍िए। पहाड़ियों इलाकों में मशरुम बहुतायत में पाएं जाते है, वहां मशरुम की कई तरह की वैरायटी देखने को मिलती है, वहां के लोग सेवन के ल‍िए मशरुम की चुन‍िंदा किस्‍म का ही इस्‍तेमाल करते है और जो मशरुम खाने लायक नहीं होते है उन्‍हें ‘विष’ यानी जहरीला कहते हैं। इसल‍िए मानसून में ये बेहद जरुरी हो जाता है कि मशरूम खरीदते वक्‍त कुछ बातों का खास ख्‍याल रखें।

सब्जी के लिए उपयोग किये जाने वाले मशरूम को बटन मशरूम कहा जाता है। इसकी छतरी सफेद और गोल होती है। आपको बाजार के किसी अच्छी दुकान से ताजा बटन मशरूम पहचानकर खरीदना चाहिए। ताजा मशरुम सॉफ्ट होता है।

ठंडी जगहों पर या फिर बारिश के दिनों में जगह जगह कुकुरमुत्ता उग आता है जो मशरूम के जैसे ही होता है। लेकिन इसकी छतरी चपटी होती है और इसे जंगली मशरूम कहा जाता है। इस तरह का मशरूम न खरीदें इसे पहाड़ी इलाकों में ‘विष’ भी कहा जाता है। अन्यथा खाने के बाद आपकी सेहत खराब हो सकती है। ऐसे मशरूम खरीदने से बचें, जो छतरी की शेप में हों और उसके स्टेम के आस-पास सफेद रंग की रिंग्स हों। छतरी की शेप वाले ये मशरूम ब्राइट कलर के होते हैं और एमनिटा मशरूम हो सकते हैं। एमनिटा मशरूम में प्राकृतिक तौर पर काफी ज़हर होता है और जैसे ही ये बड़े होते जाते हैं, इनका रंग ब्राउन हो जाता है।

अगर मशरूम पर काला धब्बा या काला पाउडर जैसा कुछ दिख रहा हो तो ऐसा मशरूम ना खरीदें। अगर मशरूम की छतरी के ऊपर छोटे छोटे दाग धब्बे या फंगस हों तो यह मशरूम के खराब होने का संकेत है और ऐसा मशरूम खरीदने से बचें। अगर मशरूम असामान्य सा दिख रहा हो और सिकुड़कर छोटा हो गया हो तो इसे बिल्कुल नहीं खरीदना चाहिए।

खरीदते समय अगर मशरूम ताजा न हो और इससे सड़ी हुई या गीली लकड़ी की तरह बदबू आ रही हो तो ऐसा मशरूम नहीं खरीदना चाहिए। कुछ ऐसे भी मशरूम होते हैं, जिनसे मीठी-सी खुशबू आती है। इन्हें बिल्कुल भी न खरीदें। इसके अलावा छोटा वाला ब्राउन मशरूम खरीदने से भी बचें।

वास्तव में मशरूम बाहर से मंगाया जाता है और बाजार में व्यापारियों तक आने के बाद उनके पास इसे सुरक्षित तरीके से स्टोर करके रखने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं होता है। जिसके कारण मशरूम के ऊपर चौबीस घंटे बाद काला, पीला या भूरा धब्बा नजर आने लगता है। यही नहीं मशरूम पर फंगस भी लगता है लेकिन व्यापारी फंगस हटाकर वह मशरूम ग्राहक को बेच देते हैं। इसके अलावा बाजारों में खुला बिकने वाला मशरूम भी काफी हद तक बासी ही होता है। इस तरह का मशरूम खाकर आप फूड पॉयजनिंग का शिकार हो सकते हैं।

आपको बता दें कि मशरूम एक बहुत ही स्वादिष्ट सब्जी होती है। यह स्वादिष्ट यह खाने के साथ-साथ हमारी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। मशरूम में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, प्रोटीन, विटामिन डी, सेलेनियम, और ज़िंक मौजूद होते हैं। मशरूम का सेवन करने से आपका शरीर बहुत ही खतरनाक बीमारियों से बचा रहता है। लेकिन बाजार से सही मशरुम खरीदकर आप बीमार होने से बच सकते हैं। मशरूम की कई तरह की प्रजातियां बाजार में पाई जाती है। इनमें ज़हरीले मशरूम की भी कई किस्में मौजूद होती है जैसे डेथ कैप, जंगल का फैंटम, एमनिटा प्रॉक्सिमा और मारियो ब्रोस जैसे ये ज़हरीले मशरूम कई गंभीर बीमारियों को जन्म देते हैं।