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अयोध्या में संतों की बैठक में VHP का दावा, जल्द शुरू होगा राम मंदिर का निर्माण

नई दिल्ली। एक बार फिर से जिस तरह से भारती जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज की है, उसके बाद राम मंदिर निर्माण को लेकर चर्चा फिर से तेज हो गई है। तमाम साधू-संत राम मंदिर निर्माण की मांग को उठाने लगे हैं। राम मंदिर निर्माण को लेकर तमाम संतों ने अयोध्या के मणिराम दास की छावनी में बैठक की और इस दौरान मंदिर निर्माण के वैकल्पिक रास्तों पर चर्चा की गई। मंदिर निर्माण में अब और देरी ना हो इसे लेकर संतों की एकमत राय थी और उनका कहना है कि अब जल्द से जल्द मंदिर निर्माण शुरू होना चाहिएए। बैठक के दौरान वीएचपी नेताओं ने तमाम संतों को इस बात का आश्वासन दिया कि मंदिर निर्माण में अब किसी भी तरह की देरी नहीं होगी।

संतों ने बैठक के दौरान कहा कि पूरी दुनिया में राम की लहर है, यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी इतने जबरदस्त जनाधार से चुनाव जीती है। लिहाजा अब यह जरूरी हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपर राम मंदिर निर्माण को लेकर दबाव बनाया जाए। संतों का कहना है कि जरूरत पड़े तो संतों के एक दल को प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए जाना चाहिए। बैठक में शामिल वीएचपी के नेताओं ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को लेकर सबकुछ ठीक चल रहा है और अब लोगों को मंदिर के लिए काफी समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

अनुकूल माहौल
संतों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि अब प्रदेश और केंद्र दोनों ही जगह पर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है। लिहाजा अब भगवान राम का भव्य मंदिर का निर्माण शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए अनुकूल माहौल है, ऐसे में भव्य मंदिर के निर्माण में देरी नहीं की जानी चाहिए। इसके साथ ही महंत ने कहा कि ना सिर्फ हिंदू बल्कि तमाम मुस्लिम भी राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में हैं, अगर मंदिर अब नहीं बनेगा तो आखिर कब बनेगा।
अब नहीं तो कब
न्यास के वरिष्ठ सदस्य रामविलास वेदांती ने कहा कि इस वर्ष राम मंदिर को लेकर यह संतों की पहली बैठक है। भगवान राम के आशीर्वाद से ही भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला है। सरकार को अब पहले चरण में कश्मीर की धारा र370 और 35 ए को खत्म करना चाहिए, इसके बाद दूसरे चरण में राम मंदिर का निर्माण शुरू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाएगा क्योंकि खसरा और खतौनी दोनों ही राम के नाम पर है।